सिमडेगाः पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर कम्यूनिटी पुलिसिंग कार्यक्रम 'मोर पुलिस मोय पुलिस' के तहत जिले के सभी थाना एवं ओपी क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया गया. अभियान का उद्देश्य आम लोगों को सामाजिक कुरीतियों, अपराधों और कानूनी प्रावधानों के प्रति जागरूक कर सुरक्षित एवं अपराधमुक्त समाज के निर्माण में सहभागी बनाना है. अभियान के दौरान ग्राम सभाओं, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, विद्यालयों, आंगनबाड़ी सेविकाओं-सहायिकाओं तथा अन्य हितधारकों की भागीदारी से मानव तस्करी, सड़क सुरक्षा, सर्पदंश से बचाव, साइबर अपराध, ऑनलाइन ठगी, महिला उत्पीड़न, बाल संरक्षण और डायन प्रथा जैसे विषयों पर लोगों को जागरूक किया गया.
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि किसी महिला को डायन बताकर प्रताड़ित करना, उसका सामाजिक बहिष्कार करना या उसके साथ हिंसा करना कानूनन दंडनीय अपराध है. ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. स्कूलों और कॉलेजों में छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए नशामुक्त जीवन अपनाने का संदेश दिया गया. वहीं, युवाओं को थाना स्तर पर गठित समितियों के माध्यम से सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जनजागरूकता अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया.
पुलिस ने लोगों को दुर्घटना या किसी भी आपात स्थिति में तत्काल डायल-112 पर सूचना देने तथा साइबर ठगी का शिकार होने पर एनसीआरपी पोर्टल और हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी भी दी. अधिकारियों ने नागरिकों से मानव तस्करी, महिला एवं बाल उत्पीड़न, साइबर अपराध, सड़क दुर्घटना, डायन प्रथा या किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की. पुलिस ने भरोसा दिलाया कि सामुदायिक पुलिसिंग, नियमित गश्ती और जनसंवाद कार्यक्रम आगे भी लगातार जारी रहेंगे.
