सिमडेगा. झारखंड सरकार की पशुपालन विभाग की योजनाएं ग्रामीण परिवारों को रोजगार दे रही हैं. इससे उनकी आय के नए रास्ते खुल रहे हैं. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में चलायी जा रही योजनाओं का लाभ जिन लोगों को जरूरत है, उन तक पहुंचाने में जिला प्रशासन, सिमडेगा की मदद मिल रही है. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में अपना काम शुरू करने को बढ़ावा मिल रहा है और परिवार खुद पर निर्भर हो रहे हैं.
सोशल मीडिया से मिली मुर्गी पालन की प्रेरणा
इसी क्रम में जलडेगा प्रखंड के टिनगिना पंचायत अंतर्गत ढोढ़ीबहार गांव निवासी असीम होरो की कहानी सामने आती है. 12वीं तक पढ़ाई करने वाले असीम को सोशल मीडिया पर मुर्गी पालन से जुड़े वीडियो देखने के बाद इस काम को व्यवसाय के रूप में शुरू करने की प्रेरणा मिली. उन्होंने एक वीडियो देखा जिसमें दिखाया गया था कि कैसे छोटे पैमाने पर भी मुर्गी पालन से अच्छी कमाई की जा सकती है.
मां को योजना की मिली जानकारी
इसी दौरान जलडेगा में कार्यरत लीड्स (लाइफ एजुकेशन एंड डेवलपमेंट सपोर्ट) संस्था की ओर से आयोजित बैठक में असीम की माता कुंवारी होरो, जो विधवा हैं, को पशुपालन विभाग की योजना के तहत मुर्गी पालन शुरू करने की जानकारी मिली.
योजना से मिले 500 ब्रॉयलर चूजे
जानकारी मिलने के बाद, मां कुंवारी होरो ने योजना के तहत आवेदन किया, और जल्द ही उन्हें 500 ब्रॉयलर चूजे निःशुल्क प्राप्त हुए. आवेदन के बाद असीम की माता को 500 ब्रॉयलर चूजे निःशुल्क प्राप्त हुए. असीम ने इस अवसर का सही उपयोग करते हुए जुलाई माह से व्यवस्थित तरीके से मुर्गी पालन शुरू किया. वह सिमडेगा से चारा लाकर मुर्गियों की नियमित देखभाल करते हैं और उनके स्वास्थ्य का भी ध्यान रखते हैं.
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मेहनत से हर माह 10 हजार रुपये की आमदनी
असीम की मेहनत रंग लाई. आज वे मुर्गी पालन से हर महीने करीब 10,000 रुपये कमा रहे हैं. इस कमाई से अब परिवार बच्चों की पढ़ाई का खर्च आसानी से उठा पा रहा है और घर की स्थिति मजबूत हुई है. सरकारी योजना से मिले अवसर का लाभ उठाकर असीम ने अपना काम शुरू करने की राह पकड़ी है.
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