सिमडेगाः टुकुपानी स्थित आचार्य पद्मराज ज्योतिष गुरुकुल में मंगलवार को गुरु पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया गया. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, शिक्षाविदों और गणमान्य लोगों ने भाग लेकर आचार्य पद्मराज स्वामी जी महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया.
समारोह की शुरुआत नवकार महामंत्र एवं गायत्री महामंत्र के सामूहिक पाठ और दीप प्रज्ज्वलन से हुई. इसके बाद चातुर्मास कलश स्थापना संपन्न हुई. अपने संबोधन में आचार्य पद्मराज स्वामी जी महाराज ने कहा कि गुरु ही ज्ञान, संस्कार और जीवन-दर्शन के वास्तविक पथप्रदर्शक हैं. उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता शिक्षा को सरल बना सकते हैं, लेकिन जीवन मूल्यों, नैतिकता और आत्मबोध का मार्गदर्शन केवल गुरु ही दे सकते हैं. उन्होंने युवाओं से तकनीक का सदुपयोग करते हुए गुरु परंपरा से जुड़े रहने का आह्वान किया.
महासाध्वी वसुंधरा जी के निर्देशन में बच्चों ने नृत्य-नाटिकाओं की आकर्षक प्रस्तुति दी. गुरुमा सहित सुनीता देवी, सारिका जैन और गुलाब जैन ने भक्तिमय भजनों से माहौल को आध्यात्मिक बना दिया. कार्यक्रम में आचार्य पद्मराज स्वामी जी महाराज द्वारा रचित ‘प्राकृत व्याकरण’ के तृतीय खंड का लोकार्पण किया गया. वहीं महासाध्वी वसुंधरा जी के नए भजन ‘याद कर, याद कर, प्रभु को याद कर’ का भी विमोचन हुआ.
गुरुकुल निर्माण के लिए भूमि दान देने वाले समाजसेवी राजेंद्र अग्रवाल को शॉल और माल्यार्पण कर सम्मानित किया गया. साथ ही दान पट्ट का भी लोकार्पण किया गया. समारोह में अतिथियों और सहयोगियों का अंगवस्त्र देकर सम्मान किया गया. अंत में मंगलपाठ, सामूहिक आरती और प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ.
