सेंट मेरीज स्कूल में आदिवासी नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन
18 नृत्य दलों ने कार्यक्रम में भाग लिया
सिमडेगा : सेंट मेरीज हाई स्कूल परिसर में संत जोसेफ क्लब के तत्वावधान में आदिवासी सांस्कृतिक नृत्य का आयोजन किया गया. मुख्य अतिथि के रूप में संत जेवियर कॉलेज के प्राचार्य फादर इमानुएल बखला, पूर्व प्रधान महालेखाकार बेंजामिन लकड़ा, डीएसपी प्रदीप उरांव, संत मेरीज स्कूल के प्राचार्य फादर जोन तिर्की व डॉ विलियम टेटे उपस्थित थे. अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम स्थल तक ले जाया गया. नृत्य प्रतियोगिता में 15 नृत्य दलों ने भाग लिया.
नृत्य के लिए अखरा का निर्माण किया गया था. अखरा में ही नृत्य दलों ने अपनी प्रस्तुति दी. फादर इमानुएल बखला ने कहा कि आदिवासियों की पहचान संस्कृति ही है. हमें संस्कृति का बचाये रखने की जरूरत है. हमारी संस्कृति की पहचान विश्व स्तर पर भी है. पूर्व प्रधान महालेखाकार बेंजामिन लकड़ा ने कहा कि हमारी संस्कृति हमारे पूर्वजों का देन है.
संस्कृति को बचाने के लिए लोगों को एकजुट होना होगा. उन्होंने कहा कि अखरा में एक साथ सामूहिक रूप से नाचना एवं गाना एकता का परिचय देता है. संस्कृति को बचाने के लिए इस प्रकार का कार्यक्रम सराहनीय है. नृत्य प्रतियोगिता के लिए संस्था ग्रुप व यूनिट ग्रुप बनाया गया था. संस्था ग्रुप में उर्सुलाइन कॉन्वेंट बालिका उच्च विद्यालय सामटोली को प्रथम, संत अन्ना छात्रावास ए टीम को द्वितीय, सेंट मेरीज स्कूल को तृतीय एवं यूनिट ग्रुप में गडराबहार को प्रथम, सामटोली को द्वितीय एवं महतोटोली को तृतीय पुरस्कार दिया गया. प्रथम पुरस्कार के रूप में तीन हजार, द्वितीय पुरस्कार के रूप में दो हजार एवं तृतीय पुरस्कार के रूप में एक हजार रुपये दिये गये.
निर्णायक की भूमिका फादर अमर बेक, क्लारा बा, अलबर्ट आइंद, मतियस कुल्लू, स्तानिसलास केरकेट्टा ने निभायी. कार्यक्रम को सफल बनाने में नीलम राकेश मिंज, कुलदीप किंडो, संजय तिर्की, अनूप लकड़ा, ख्रिस्तोफर किंडो, जेम्स केरकेट्टा, राकेश लकड़ा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी.
