सरायकेला के सुब्रतो कप फुटबॉल टूर्नामेंट में अनियमितता का आरोप, बिना कोटेशन के 2.70 लाख का कार्य आवंटित

Seraikela News: सरायकेला के जिला स्तरीय सुब्रतो कप फुटबॉल टूर्नामेंट में बिना टेंडर या कोटेशन 2.70 लाख रुपये का कार्य आवंटित करने का आरोप लगा है. डीईओ कैलाश मिश्रा ने मामले की जांच के आदेश देते हुए दोषी पाए जाने पर विभागीय कार्रवाई और भुगतान रोकने की बात कही है.

सरायकेला से प्रताप मिश्र की रिपोर्ट

Seraikela News: झारखंड शिक्षा परियोजना के अंतर्गत सरायकेला के बिरसा मुंडा स्टेडियम में आयोजित जिला स्तरीय सुब्रतो कप फुटबॉल टूर्नामेंट के आयोजन में वित्तीय प्रक्रिया में अनियमितता का मामला सामने आया है. आरोप है कि विभाग ने करीब 2.70 लाख रुपये का कार्य बिना टेंडर या आवश्यक कोटेशन प्रक्रिया अपनाए ही एक वेंडर को आवंटित कर दिया. मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हलचल तेज हो गई है. जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) कैलाश मिश्रा ने पूरे मामले की जांच कर दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की बात कही है.

क्या है मामला

जानकारी के अनुसार, जिला स्तरीय प्रतियोगिता के आयोजन के लिए विभाग को 2,70,000 रुपये की राशि उपलब्ध कराई गई थी. आरोप है कि इस राशि से संबंधित व्यवस्थाओं के लिए न तो टेंडर प्रक्रिया अपनाई गई और न ही एक से अधिक वेंडरों से कोटेशन आमंत्रित किए गए, सीधे एक वेंडर को कार्य सौंपे जाने से विभागीय प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं.

एक जुलाई को हुआ था मैच

सुब्रतो कप फुटबॉल प्रतियोगिता का विद्यालय स्तर पर आयोजन 16 जून से 20 जून तक किया गया था. इसके बाद 23 जून से 30 जून तक सभी प्रखंडों में प्रखंड स्तरीय प्रतियोगिताएं आयोजित हुईं. प्रखंडों से चयनित खिलाड़ियों के बीच 1 जुलाई को बिरसा मुंडा स्टेडियम में जिला स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन हुआ. प्रखंड स्तर के आयोजन के लिए प्रत्येक प्रखंड को 35 हजार रुपये आयोजन मद और 30 हजार रुपये खेल पोशाक एवं पंजीयन के साथ कुल 65 हजार रुपये उपलब्ध कराए गए. इस प्रकार सभी प्रखंडों को कुल 5.80 लाख रुपये का आवंटन किया गया, वहीं, जिला स्तरीय आयोजन के लिए 2.70 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे.

नियम क्या कहते हैं?

सुब्रतो कप प्रतियोगिता का आयोजन भारतीय वायु सेना द्वारा खेल मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से कराया जाता है. प्रतियोगिता के आयोजन के लिए निर्धारित मानकों के अनुसार वेंडर के पास पर्याप्त संख्या में कुर्सियां, कनात, गद्दे, स्टेज फ्रेमवर्क तथा साउंड सिस्टम जैसी व्यवस्थाएं उपलब्ध होनी चाहिए. खेल सामग्री की आपूर्ति के लिए निर्धारित गुणवत्ता वाली जर्सी, मोजे और बूट अनिवार्य हैं.नॉक-आउट चरण में जर्सी पर निर्धारित स्थान पर 'सुब्रतो' लोगो तथा पीछे खिलाड़ी का नंबर अंकित होना आवश्यक होता है. तकनीकी मूल्यांकन के दौरान संबंधित सामग्री के नमूनों का परीक्षण भी किया जाता है. ऐसे कार्यों के लिए सामान्यतः पारदर्शी प्रक्रिया के तहत कोटेशन या निविदा की कार्रवाई की जाती है.

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क्या बोले जिम्मेदार अधिकारी

झारखंड शिक्षा परियोजना में सरायकेला-खरसावां जिले के एपीओ प्रमोद जायसवाल ने कहा कि विगत वर्ष खेलो इंडिया यूथ गेम्स में जिस वेंडर ने सामग्री उपलब्ध कराई थी, उसी को सुब्रतो कप की जिला स्तरीय प्रतियोगिता की व्यवस्थाओं का कार्य दिया गया. वहीं, जिला शिक्षा पदाधिकारी कैलाश मिश्रा ने कहा, "नियमानुसार कोटेशन लेकर ही कार्य कराया जाना चाहिए था. पूरे मामले की फाइल मंगाई गई है. यदि बिना कोटेशन के वेंडर नियुक्त किया गया है, तो इसकी जांच कर दोषी अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी तथा संबंधित वेंडर के विपत्र के भुगतान पर भी रोक लगाई जाएगी.

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लेखक के बारे में

Published by: Kumarvishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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