सरायकेला-खरसावां जिले में माॅनसून की दस्तक के साथ ही सर्पदंश (सांप काटने) की घटनाएं तेजी से बढ़ने लगी हैं. पिछले 24 घंटे के भीतर ही सर्पदंश के शिकार 10 मरीजों को आनन-फानन में इलाज के लिए सदर अस्पताल सरायकेला लाया गया. राहत की बात यह रही कि समय पर एंटी-स्नेक वेनम दिये जाने के कारण सभी 10 मरीजों की जान बचा ली गयी है और उनकी स्थिति अब सामान्य है.
अकेले जून में 67 मरीज हुए भर्ती, साढ़े 3 वर्षों में 941 मामले
सदर अस्पताल के आंकड़ों के मुताबिक, अकेले जून 2026 के महीने में ही सर्पदंश के शिकार 67 मरीजों को इनडोर वार्ड में भर्ती कर उपचार किया गया, जो सभी पूरी तरह स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं. अस्पताल के पिछले साढ़े तीन वर्षों के रिकॉर्ड पर नजर डालें तो स्थिति बेहद चिंताजनक है. जनवरी 2023 से जून 2026 तक कुल 941 मामले दर्ज किए गए हैं.वर्ष 2023: कुल 201 मामले (जुलाई में सबसे अधिक 45)
वर्ष 2024: कुल 246 मामले (जून में सबसे अधिक 43)वर्ष 2025: कुल 332 मामले (जून में सबसे अधिक 60)
वर्ष 2026 (6 महीने में): अब तक कुल 162 मामले (अकेले जून में 67)
झाड़-फूंक और अंधविश्वास से बचें : सिविल सर्जनसिविल सर्जन डॉ. सरयू प्रसाद सिंह ने आम जनता से अपील की है कि सर्पदंश की घटना होने पर घबराएं नहीं और झाड़-फूंक या ओझा-गुनी के चक्कर में पड़कर कीमती समय बर्बाद न करें. उन्होंने कहा कि पीड़ित को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या सदर अस्पताल पहुंचाएं. जिला अस्पताल से लेकर सभी पीएचसी और सीएचसी में पर्याप्त मात्रा में एंटी-स्नेक वेनम उपलब्ध है.
बारिश के पानी से बचने के लिए घरों में घुसते हैं सांप : सर्प मित्रसरायकेला के जाने-माने स्नेक कैचर (सर्प मित्र) राजा बारीक ने बताया कि बरसात में खेतों और झाड़ियों में पानी भर जाने के कारण सांप अपने बिलों से बाहर निकलकर रिहायशी इलाकों और घरों का रुख करते हैं. उन्होंने बचाव के लिए कुछ महत्वपूर्ण टिप्स दिए हैं.
1. रात में अंधेरे में निकलने से बचें और हमेशा टॉर्च का इस्तेमाल करें.
2. घरों के आसपास पर्याप्त सफाई रखें.
3. रात को सोने से पहले अपने बेड/बिस्तर की अच्छी तरह जांच और सफाई करें.4. बरसात के मौसम में जमीन पर सोने की गलती बिल्कुल न करें.
