राजनगर. सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर प्रखंड में आंगनवाड़ी केंद्रों के संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उपायुक्त के निर्देश पर बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ) रीना साहु एवं महिला पर्यवेक्षिका ने सोलगाड़िया, गम्हारिया समेत विभिन्न आंगनवाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान बच्चों की उपस्थिति, पूरक पोषण आहार वितरण, विद्यालय पूर्व शिक्षा गतिविधियों, स्वच्छता व्यवस्था, अभिलेख संधारण, आधारभूत सुविधाओं एवं केंद्रों के नियमित संचालन की विस्तृत समीक्षा की गई.
सीडीपीओ ने दिया निर्देश
सीडीपीओ रीना साहु ने सेविकाओं एवं सहायिकाओं को निर्देश दिया कि सभी केंद्रों का नियमित एवं समयबद्ध संचालन सुनिश्चित किया जाए. उन्होंने कहा कि छह वर्ष तक के सभी बच्चों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को विभागीय प्रावधानों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण सेवाएं और नियमित पूरक पोषण आहार उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए. साथ ही सभी अभिलेखों को अद्यतन एवं व्यवस्थित रखने के निर्देश भी दिए. निरीक्षण के दौरान पोषण ट्रैकर पर बच्चों की शत-प्रतिशत वृद्धि निगरानी, लंबाई एवं वजन का समय पर मापन कर ऑनलाइन प्रविष्टि सुनिश्चित करने तथा कुपोषित एवं अति कुपोषित बच्चों की पहचान कर आवश्यक उपचार एवं परामर्श उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया. जरूरत पड़ने पर ऐसे बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) भेजने के निर्देश भी दिए गए. सीडीपीओ ने कहा कि केंद्रों में स्वच्छ वातावरण, समय पर टीकाकरण, प्रभावी प्री-स्कूल शिक्षा तथा सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से कुपोषण की रोकथाम सुनिश्चित की जाए. निरीक्षण के दौरान जिन केंद्रों में कमियां मिलीं, वहां तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए. उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर की लापरवाही पर संबंधित कर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
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