सरायकेला. छऊ महोत्सव सह चैत्र पर्व के आयोजन को लेकर एसडीओ अभिनव प्रकाश ने मंगलवार को कलाकारों के साथ बैठक की. एसडीओ ने बताया कि छऊ महोत्सव का आयोजन 11 से 13 अप्रैल तक होगा, जबकि चैत्र पर्व की शुरुआत आखड़ाशाल में भैरव पूजा के साथ शुरू होगी. इसके बाद प्रतिदिन घटपाट लाया जाता है. वहीं चार युगों को समर्पित घट भी लाये जाते हैं. एसडीओ ने छऊ महोत्सव को भव्य रूप से आयोजन करने, महोत्सव के पहले तैयारी पूरी करने, कलाकारों को सम्मानजनक मानदेय देने, समारोह में भाग लेने वाले स्थानीय कलाकारों को प्रशस्ति पत्र देने, छऊ नृत्य पर सेमिनार का आयोजन करने, छऊ नृत्य व मुखौटा निर्माण को लेकर प्रतियोगिता आयोजित करने पर चर्चा की गयी. एसडीओ ने कहा कि महोत्सव के सफल आयोजन को लेकर पहले से ही तैयारी कर ली जायेगी. साथ ही, कैसे अधिक से अधिक संख्या में लोग छऊ देखने पहुंचें इसपर भी चर्चा की गयी. स्थानीय कलाकारों को प्राथमिकता दिये जाने की बात कही गयी. बैठक में निर्णय लिया गया कि क्षेत्र एवं झारखंड की कला संस्कृति की प्रदर्शनी लगायी जायेगी. इसके अलावे शास्त्रीय संगीत से जुड़े नामचीन कलाकारों की भी प्रस्तुति करायी जायेगी.
रायजामा की हल्दी को प्रमोट करने के लिए प्रदर्शनी लगायी जायेगी:
महोत्सव के दौरान विकास मेला का आयोजन करने के साथ-साथ खरसावां के रायजामा की हल्दी को प्रमोट करने के लिए प्रदर्शनी लगायी जायेगी. इसके अलावे स्थानीय निर्मित वस्तुओं व स्वयं सहायता समूह द्वारा निर्मित सामानों की प्रदर्शनी लगाने को लेकर चर्चा की गयी. बैठक में व्यवसायी स्टॉल के लिए पहले से ही बंदोबस्ती कराने को लेकर चर्चा की गयी.बैठक में ये थे उपस्थित :
राजकीय छऊ नृत्य कला केंद्र के प्रभारी निदेशक यस्मिता सिंह, समन्वयक सुदीप कवि, कार्यकारी सदस्य मनोज कुमार चौधरी, भोला मोहंती, सुशांत महापात्र, नाथू महतो, विजय साहू, तरुण भोल, मनोरंजन साहू, आशीष कर, बाउरी बंधु महतो एवं कई कलाकार उपस्थित थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
