खरसावां/सरायकेला : सरायकेला-खरसावां मुख्य मार्ग पर खापरसाईं के पास संजय नदी पर बना पुराना पुल बारिश के कारण आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया है. 13 अगस्त को हुई तेज बारिश के दौरान करीब 20 घंटे तक पुल पर से तेज धार में पानी बहता रहा. इसके बाद पुल की सड़क पर कई जगह गड्ढे बन गये हैं. पुल के बीचों-बीच बने गड्ढों के कारण इस मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी हो रही है. लोगों का कहना है कि समय रहते इसकी मरम्मत नहीं करायी गयी, तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है.
35-40 साल पुराना है पुल, रेलिंग भी टूटी
स्थानीय लोगों के अनुसार खापरसाईं के पास संजय नदी पर बना पुराना पुल करीब 35-40 वर्ष पुराना है. लंबे समय से मरम्मत के अभाव में पुल की स्थिति धीरे-धीरे खराब होती जा रही है. पुल के दोनों किनारों की रेलिंग भी कई जगह टूट गयी है. रात के समय पुल पर पर्याप्त सावधानी नहीं बरतने पर वाहन चालकों के लिए खतरा और बढ़ जाता है. तेज रफ्तार से आने वाले वाहनों के सामने सड़क पर बने गड्ढे अचानक आ जाने से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है.
14 माह बाद भी पूरा नहीं हुआ नये पुल का एप्रोच रोड
पुराने पुल के समीप ही एक नये पुल का निर्माण किया गया है. नये पुल की ऊंचाई पुराने पुल से करीब 12 फीट अधिक है. स्थानीय लोगों के अनुसार नये पुल का मुख्य निर्माण कार्य करीब आठ वर्ष पहले ही पूरा हो गया था, लेकिन एप्रोच रोड का निर्माण नहीं होने के कारण अब तक इसका उपयोग शुरू नहीं हो सका है. मई 2025 में नये पुल के एप्रोच रोड का निर्माण कार्य शुरू किया गया था. इसके बाद करीब 14 माह बीत जाने के बावजूद काम पूरा नहीं हो सका है. निर्माण कार्य की धीमी गति के कारण करोड़ों की लागत से बना नया पुल अब तक लोगों के लिए उपयोगी नहीं बन पाया है.
रोजाना 10 हजार से अधिक वाहनों का आवागमन
सरायकेला-खरसावां मुख्य मार्ग जिले के प्रमुख मार्गों में शामिल है. स्थानीय लोगों के अनुसार इस मार्ग से प्रतिदिन 10 हजार से अधिक छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन होता है. ऐसे में पुराने पुल की जर्जर स्थिति और नये पुल का एप्रोच रोड अधूरा रहने से वाहन चालकों की परेशानी बढ़ गयी है.
पुराने पुल की मरम्मति व नये पुल का एप्रोच रोड जल्द बनाने की मांग
स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग एवं जिला प्रशासन से नये पुल के एप्रोच रोड का निर्माण कार्य जल्द पूरा कराने की मांग की है. साथ ही नये पुल के चालू होने तक पुराने पुल की तत्काल मरम्मत कराने, सड़क पर बने गड्ढों को भरने तथा टूटी रेलिंग को दुरुस्त कराने की मांग की है. लोगों का कहना है कि नये पुल के चालू होने से मार्ग पर आवागमन सुगम और सुरक्षित होगा तथा पुराने पुल पर वाहनों का दबाव भी कम हो जायेगा.
