Saraikela: स्वर्णरेखा घाट पर लगा भव्य प्राचीन राम मेला, उमड़ी हजारों की भीड़, 40 फीट ऊंचा टुसू बना आकर्षण का केंद्र

Saraikela: सरायकेला-खरसावां जिला झारखंड की समृद्ध लोक-संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है. यहां मकर संक्रांति के बाद से ही टुसू मेला को प्रमुख पारंपरिक उत्सव के रूप में मनाया जाता है. इसमें क्षेत्र की ग्रामीण संस्कृति, आस्था और कलाकारी को दिखाया जाता है.

शचिंद्र कुमार दाश/हिमांशु गोप
Saraikela: कुकड़ू प्रखंड के सपादा गांव में सुवर्णरेखा नदी तट पर प्राचीन राम मेला का आयोजन किया गया. राम मेला में क्षेत्र के संस्कृतिक विरासत को भी रेखांकित किया गया. मेला में बड़े आकार के चौड़ल को प्रदर्शित किया गया. मेला में करब 40 फीट ऊंचा चौड़ल नुमा टुसु आकर्षक का केंद्र रहा. चौड़ल के आस पास महिलाओं को टुसू गीतों पर झूमते देखा गया. मेला समिति की ओर से चौडलों को पुरस्कृत भी किया गया. मेला में राढ़ बांग्ला व कुड़माली भाषा के टुसू गीतों में लय से लय मिलाते हुए मांदर की थाप पर लोग थिरकते रहे. इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया. सांस्कृतिक कार्यक्रम में भी स्थानीय कलाकारों ने लोक कलाओं को प्रदर्शित किया. राम मेला में हजारों की संख्या में लोग जुटे थे.

हमारी संस्कृति का अमूल्य धरोहर है टुसू मेला : हरेलाल महतो

आजसू के केंद्रीय महासचिव हरेलाल महतो ने फीता काट कर मेला का उदघाटन किया. मौके पर हरेलाल महतो ने कहा कि टुसू मेला हमारी संस्कृति का अमूल्य धरोहर है. इसे बचाये रखने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि कुकडू के राम मेला की ख्याति झारखंड के साथ साथ बंगाल तक फैली हुई है. उन्होंने उपस्थित लोगों से अपनी संस्कृति को बचाए रखने की अपील की. इस दौरान जिला परिषद उपाध्यक्ष मधुश्री महतो, उप प्रमुख मोहम्मद एकराम, पूर्व जिला परिषद उपाध्यक्ष अशोक कुमार साहू, प्रखंड प्रमुख प्रतिमा वाला सिंह पातर, थाना प्रभारी कौशल कुमार, झामुमो प्रखंड अध्यक्ष कृतिवास महतो, पूर्व मुखिया तपन सिंह मुंडा, मेला समिति अध्यक्ष भूतनाथ सिंह मुंडा, बृंदावन प्रामाणिक, मदन सिंह मुण्डा, बृंदावन प्रामाणिक, आजसू प्रखंड अध्यक्ष अरूण महतो, शशधर सिंह मुंडा, गौरांग प्रामाणिक, सिदाम कालिंदी आदि उपस्थित थे.

राजा-रजवाड़े के समय से होते आ रहा है मेले का आयोजन

कुकड़ू प्रखंड के सपादा गांव में स्वर्णरेखा नदी तट पर प्राचीन राम मेला का आयोजन राज-राजवाड़े के समय से होते आ रहा है. इस मेला में चांडिल अनुमंडल के विभिन्न क्षेत्रों के अलावा पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं. साल दर साल मेला का स्वरूप बड़ा होते जा रहा है.

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By AmleshNandan Sinha

अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.

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