Rath Yatra : 20 लाख रुपये की लागत से बनकर तैयार हुआ प्रभु जगन्नाथ का भव्य रथ, ओडिशा के कारीगरों ने दिया आकार

Rath Yatra : भगवान जगन्नाथ के रथ 'नंदीघोष' का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है. रथ की रंगाई-पुताई की जा रही है. भगवान जगन्नाथ के रथ 'नंदीघोष' पर कलिंग शिल्पकला की झलक देखने को मिलेगी. साथ ही रथ पर कई देवी-देवताओं की मूर्तियां उकेरी गयी हैं. भगवान विष्णु के 10 अवतार की मूर्तियां आकर्षण का केंद्र है.

Rath Yatra | सरायकेला, शचिंद्र कुमार दाश/प्रताप मिश्रा : सरायकेला में रथ यात्रा की तैयारियां जोरों-शोरों से चल रही है. भगवान जगन्नाथ के रथ ‘नंदीघोष’ का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है. रथ की रंगाई-पुताई की जा रही है. इसके बाद रथ के गुंबद पर कपड़ा चढ़ाया जायेगा. यह कपड़ा ओडिशा के पुरी से खास मंगाया गया है.

ओडिशा के कारीगरों ने बनाया रथ

भगवान जगन्नाथ के रथ ‘नंदीघोष’ पर कलिंग शिल्पकला की झलक देखने को मिलेगी. साथ ही रथ पर कई देवी-देवताओं की मूर्तियां उकेरी गयी हैं. भगवान विष्णु के 10 अवतार की मूर्तियां आकर्षण का केंद्र है. कारीगरों ने इन मूर्तियों को जीवंत रूप देने का भरसक प्रयास किया है. रथ का निर्माण ओडिशा के कोणार्क (पुरी) के कुशल कारीगरों द्वारा किया गया है.

30 फीट ऊंचे रथ के शीर्ष पर स्थापित होगा नीलचक्र

30 फीट ऊंचे रथ ‘नंदीघोष’ के शीर्ष पर एक नीलचक्र स्थापित होगा. इस नीलचक्र को पुरी के जगन्नाथ मंदिर के गुंबद पर स्थापित नीलचक्र की भांति डिजाइन किया गया है. धार्मिक मान्यता है कि नीलचक्र के दर्शन से भक्तों को साक्षात प्रभु जगन्नाथ के दर्शन का पुण्य फल प्राप्त होता है. रथ में चार घोड़े और एक सारथी भी बनाये गये हैं. सारथी की मूर्ति भी काफी आकर्षक लग रही है.

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20 लाख रुपये की लागत से बना रथ

इस वर्ष करीब 20 लाख रुपये की लागत से रथ का निर्माण हो रहा है. 16 फीट लंबे-चौड़े वाले रथ में 8 पहिये हैं. 27 जून को इसी रथ पर सवार होकर भगवान जगन्नाथ बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ मौसीबाड़ी जायेंगे. रथ की प्रतिष्ठा 26 जून को होगी. मालूम हो सरायकेला में लंबे अंतराल के बाद नये रथ का निर्माण कराया गया है.

रथ कारीगरों को किया गया सम्मानित

इधर रथ निर्माण में लगे मुख्य कारीगर प्रकाश कुमार ओझा समेत 10 कारीगरों को गुरुवार को अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया. विगत 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया के दिन निर्माण शुरू हुआ था. करीब 40 दिनों में रथ निर्माण पूर्ण हुआ.

रथ यात्रा को ऐतिहासिक बनाने की तैयारी

श्री जगन्नाथ सेवा समिति के सदस्य रथयात्रा की तैयारियों में जुटे हुए हैं. स्थानीय विधायक सह पूर्व सीएम चंपाई सोरेन अब तक 3 बार रथ निर्माण कार्य का जायजा ले चुके हैं. उन्होंने कारीगरों की कला की काफी सराहना भी की है. समिति के अध्यक्ष राजा सिंहदेव के अनुसार इस बार रथ यात्रा ऐतिहासिक होगी. रथ यात्रा के दौरान भक्तों को एक अलग अनुभूति होगी.

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By Dipali Kumari

नमस्कार! मैं दीपाली कुमारी, एक समर्पित पत्रकार हूं और पिछले 3 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. वर्तमान में प्रभात खबर में कार्यरत हूं, जहां झारखंड राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण सामाजिक, राजनीतिक और जन सरोकार के मुद्दों पर आधारित खबरें लिखती हूं. इससे पूर्व दैनिक जागरण आई-नेक्स्ट सहित अन्य प्रतिष्ठित समाचार माध्यमों के साथ भी कार्य करने का अनुभव है.

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