सरायकेला-खरसावां: विधायक दशरथ गागराई ने रायजामा का किया दौरा, प्राकृतिक जल स्रोतों का लिया जायजा

Seraikela Kharsawan News: सरायकेला-खरसावां जिले के रायजामा, मुनगाटोला और फेचांगटोला में विधायक दशरथ गागराई ने पीएचइडी अधिकारियों के साथ पेयजल व्यवस्था का जायजा लिया. विधायक दशरथ गागराई ने कहा कि प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण के साथ-साथ आधुनिक जलापूर्ति व्यवस्था विकसित की जाएगी जिससे कि ग्रामीणों को साल भर साफ पीने का पानी मिल सके. पूरी खबर नीचे पढ़ें.

रायजामा से शचिंद्र कुमार दाश की ग्राउंड रिपोर्ट

Seraikela Kharsawan News: खरसावां विधायक दशरथ गागराई ने पीएचइडी के इंजीनियर्स के साथ रायजामा, मुनगाटोला और फेचांगटोला का दौरा कर पानी की समस्या के समाधान की पहल की. फिलहाल तीनों ही गांव के पास स्थित पहाड़ियों के बीच से निकलने वाले प्राकृतिक जल स्रोतों को ग्रामीणों ने पाइपलाइन और बांस के सहारे अपने टोलों तक पहुंचाकर पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था तैयार की है. इसी पानी से तीनों ही गांवों के लोगों को दैनिक जरूरतों के लिए पानी मिल रहा है.

जल स्रोतों का किया निरीक्षण 

विधायक दशरथ गागराई ने पीएचइडी के अभियंताओं के साथ प्राकृतिक जल स्रोतों का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति को देखा. उन्होंने प्राकृतिक जल स्रोतों से पानी साफ करने की व्यवस्था कर घरों तक पानी पहुंचाने की भी बात कही. उन्होंने कहा कि प्राकृतिक जल स्रोतों से खेती में सिंचाई समेत अन्य जरुरतों को लोग पूरा कर सकेंगे. 

रायजामा में ग्रामीणों के साथ बैठक करते विधायक दशरथ गागराई

विधायक दशरथ गागराई ने उम्मीद जताई है कि पेयजल समस्या का स्थायी समाधान संभव हो सकेगा. इसके लिए राशि की कमी नहीं होगी. जरूरत पड़ने पर विधायक फंड से राशि उपलब्ध कराया जाएगा. साथ ही विधायक फंड से दो चबुतरा बनाने की भी बात कही. पीएचइडी के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर ललित इंदूवार ने कहा कि जल्द ही डीपीआर तैयार कर सौंप दिया जाएगा. मौके पर मुख्य रूप से पीएचइडी एई मांगीलाल गिलुवा, जेई प्रकाश रंजन गुप्ता, ग्रामीण सायना सरदार, उपेंद्र सरदार, जगन सरदार, लखन सरदार, अरुण जमुदा, गुरुचरण लोहार, लालू हांसदा, लक्ष्मण सरदार, मनो सरदार, रुइया सरदार, साधु चरण सोय, राम हांसदा आदि मौजूद थे. 

रायजामा में प्राकृतिक जल स्रोत का निरीक्षण करते विधायक दशरथ गागराई

600 फीट ऊंची पहाड़ी से बिना मोटर आ रहा पानी 

खरसावां-रड़गांव मुख्य मार्ग पर रांची के तमाड़ क्षेत्र से सटा रायजामा, फेचांगटोला और मुनगाटोला आदि गांव वर्ष 2023-24 तक घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्र माना जाता था. पिछले दो वर्षों में नक्सली गतिविधियां समाप्त होने के बाद अब यहां विकास की नई उम्मीद जगी है. ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से करीब 600 फीट ऊंची पहाड़ी पर स्थित प्राकृतिक जल स्रोतों से पाइप और बांस जोड़कर पानी को गांव तक पहुंचाया है. चूंकि पानी ऊंचाई से आता है, इसलिए बिना किसी मोटर या पंप के भी तेज गति से नीचे पहुंच जाता है. रायजामा की पहाड़ियों में वर्ष भर पानी का प्रवाह बना रहता है, जिससे खेतों की सिंचाई भी हो जाती है. समय-समय पर पाइप और बांस की मरम्मत भी ग्रामीण खुद मिलकर करते हैं. 

रायजामा के पहाड़ी में चढ़ते विधायक दशरथ गागराई. साथ ही पीएचइडी के अभियंता

रायजामा में एक जल मीनार, फेचांगटोला में एक भी चापाकल नहीं 

71 परिवारों वाले रायजामा गांव में सरकार की एक सोलर संचालित मिनी जलमीनार चालू है. लेकिन इससे ग्रामीणों की जरूरतें पूरी नहीं हो पाती है. वहीं करीब 12 परिवारों वाले फेचांगटोला की स्थिति और भी खराब है. यहां एक भी चापाकल या जलमीनार नहीं है. इस टोला के लोग पूरी तरह पहाड़ी से निकलने वाले प्राकृतिक शीतल जल पर ही निर्भर हैं. इसी पानी से उनका खाना बनता है और घरेलू काम होते हैं. मुनगाटोला में एक सोलर संचालित जल मीनार है, लेकिन पाइप लाइन में लिकेज के कारण परेशानी होती है.

रायजामा के ग्रामीणों के साथ विधायक दशरथ गागराई

बारिश में बढ़ जाती है चुनौती

ग्रामीणों का कहना है कि यह प्राकृतिक जलस्रोत उनके लिए जीवनरेखा है, लेकिन बारिश के मौसम में स्थिति चुनौतीपूर्ण हो जाती है. पहाड़ियों से बहकर आने वाली चिकनी मिट्टी और गाद मिलने से पानी गंदा हो जाता है. ग्रामीणों का मानना है कि उनकी यह आत्मनिर्भरता अस्थायी राहत तो दे रही है, लेकिन सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल के स्थायी समाधान के लिए गांव तक सरकारी जलापूर्ति योजना का पहुंचना जरूरी है.

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Published by: Sweta Vaidya

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