गुरुजी का संघर्ष हमेशा प्रेरणा देता रहेगा : गागराई

खरसावां विधायक दशरथ गागराई और सविता महतो ने दिशोम गुरु शिबु सोरेन की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया और उनके संघर्षों को याद करते हुए प्रेरणा लेने का संकल्प लिया।

खरसावां | खरसावां विधायक दशरथ गागराई व ईचागढ़ विधायक सविता महतो ने रामगढ़ में लुकैयाटांड़ स्थित सोना-सोबरन विद्यालय परिसर में झारखंड आंदोलन के प्रणेता दिशोम गुरु स्व. शिबु सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि पर उनकी प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की. इस दौरान दोनों जनप्रतिनिधियों ने गुरुजी के बताए आदर्शों और संघर्ष के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया. मौके पर विधायक दशरथ गागराई ने कहा - दिशोम गुरु भले ही आज शारीरिक रूप से हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका संघर्ष, विचार और मार्गदर्शन सदैव झारखंडवासियों को प्रेरित करता रहेगा.

राज्य निर्माण में ऐतिहासिक भूमिका रही

विधायक दशरथ गगराई ने कहा - गुरुजी ने अपने लंबे आंदोलन और संघर्ष के बल पर झारखंड को अलग पहचान दिलायी तथा राज्य निर्माण में ऐतिहासिक भूमिका निभायी. वे केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि जनभावनाओं के प्रतीक और करोड़ों लोगों की आवाज थे. अब राज्य को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना और उनके सपनों का झारखंड बनाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा - गुरुजी के विचारों को आत्मसात करना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी. मालूम हो कि मंगलवार को दिशोम गुरु शिबु सोरेन के प्रथम पुण्य तिथि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपनी मां रुपी सोरेन के साथ रामगढ़ में लुकैयाटांड़ स्थित सोना-सोबरन विद्यालय परिसर में गुरुजी के प्रतिमा का अनावरण किया था.


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By शचिंद्र कुमार दाश

शचिंद्र कुमार दाश प्रभात खबर के वरीय संवाददाता हैं और हिंदी पत्रकारिता में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखते हैं। वे झारखंड और ओडिशा की राजनीति, प्रशासन, ग्रामीण विकास, सामाजिक सरोकार, कानून-व्यवस्था तथा जनहित से जुड़े मुद्दों की रिपोर्टिंग करते हैं। इसके साथ ही कला, भाषा, संस्कृति, आध्यात्म और समसामयिक विषयों पर लेखन में उनकी विशेष रुचि है। नई जानकारियां जुटाना और उन्हें प्रमाणिक तथ्यों के साथ पाठकों तक पहुंचाना उनकी कार्यशैली की प्रमुख विशेषता है। उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, शिक्षा, खेल, पर्यावरण, साहित्य, संस्कृति से जुड़े विषयों को समेटती है। शचिंद्र कुमार दाश ग्राउंड रिपोर्टिंग पर विशेष जोर देते हैं। वे घटनास्थल पर पहुंचकर तथ्यों के आधार पर समाचार प्रस्तुत करने तथा आम लोगों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का प्रयास करते हैं।

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >