खरसावां. सावन की संक्रांति पर खरसावां, कुचाई और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित तीन दिवसीय मां मनसा पूजा का बुधवार देर रात श्रद्धा के साथ समापन हुआ. इस दौरान पूरा क्षेत्र मां मनसा की भक्ति में डूबा रहा और विभिन्न पूजा स्थलों से भव्य विसर्जन यात्राएं निकली, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया.
सर्पदंश से रक्षा और सुख-समृद्धि की कामना
ग्रामीण क्षेत्रों में मां मनसा की पूजा को लेकर विशेष आस्था देखने को मिलती है. मान्यता है कि मां मनसा सांपों और विषधर जीवों से रक्षा करती हैं. सावन के मौसम में खेत-खलिहानों में सांपों का खतरा बढ़ने से ग्रामीण परिवार सर्पदंश से बचाव और परिवार की सुरक्षा के लिए उनकी आराधना करते हैं. महिलाओं और बच्चों समेत श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर गांव की सुख-समृद्धि व परिवार के कल्याण की कामना की.
जयकारों के बीच नम आंखों से हुआ विसर्जन
बुधवार देर रात पूजा संपन्न होने के बाद विभिन्न स्थानों से मां मनसा की प्रतिमाओं की विसर्जन यात्रा निकाली गयी. ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूंज के बीच श्रद्धालुओं ने मां के जयकारे लगाए और भक्ति में झूमते हुए स्थानीय नदियों व तालाबों तक पहुंचे. पूरी विधि-विधान के साथ प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया. इस दौरान पूरा क्षेत्र उत्सवी माहौल से सराबोर रहा और ग्रामीणों ने अगले वर्ष फिर से पूरे उत्साह के साथ मां के स्वागत का संकल्प लिया.
