चांडिल: डालसा सचिव के निर्देश पर नीमडीह की लाकड़ी पंचायत अंतर्गत बरुडीह गांव में सर्पदंश से बचाव एवं उपचार को लेकर विशेष विधिक जागरुकता शिविर लगाया गया. शिविर में ग्रामीणों को सर्पदंश से बचाव, प्राथमिक सावधानियों और समय पर चिकित्सा सुविधा लेने के महत्व की जानकारी दी गयी.
झाड़-फूंक के चक्कर में न गंवायें समय
पीएलवी शुभंकर महतो ने कहा कि सांप के काटने पर घबराने या झाड़-फूंक के चक्कर में समय गंवाने के बजाय पीड़ित को तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल ले जाना चाहिए. समय पर चिकित्सा सुविधा मिलने से सर्पदंश के पीड़ित की जान बचायी जा सकती है. बरसात में सांपों के निकलने की आशंका को देखते हुए ग्रामीणों से अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की गयी.
रात में टॉर्च लेकर निकलें, आसपास रखें साफ
ग्रामीणों को रात में घर से बाहर निकलते समय टॉर्च का इस्तेमाल करने तथा घर के आसपास साफ-सफाई रखने की सलाह दी गयी. शिविर में सर्पदंश की स्थिति में प्राथमिक स्तर पर बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में भी जानकारी दी गयी. वन्यजीव संरक्षण के साथ मानव जीवन की सुरक्षा के महत्व पर चर्चा की गयी.
मानव-वन्यजीव संघर्ष के कानूनी अधिकार बताये
ग्रामीणों को मानव-वन्यजीव संघर्ष से जुड़े कानूनी अधिकारों की जानकारी दी गयी. साथ ही नालसा की ‘मानव-वन्यजीव संघर्ष के पीड़ितों के लिए न्याय तक पहुंच योजना, 2025’ के प्रावधानों से अवगत कराया गया. जागरूकता सामग्री भी वितरित की गयी. मौके पर पीएलवी अम्बुज गोप, साधन महतो, नरेन मुर्मू, रघु लोहार, कृष्णा हांसदा, आयुष कर्मकार, नेपाल टूडू समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे.
