उमस, अंधेरा और इंतजार खरसावां में बिजली की आंख-मिचौली से बढ़ी लोगों की परेशानी

खरसावां में बिजली की अनियमित आपूर्ति से लोग परेशान हैं. उमस भरी गर्मी और बार-बार हो रही बिजली कटौती ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है. जानें पूरी खबर.

संवाददाता, खरसावां

खरसावां में इन दिनों बिजली की अनियमित आपूर्ति लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है. उमस भरी गर्मी के बीच बार-बार हो रही बिजली कटौती से लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. आमदा पावर सब स्टेशन से जुड़े हरिभंजा व रिडींग पंचायत समेत आसपास के गांवों में शुक्रवार रात बिजली घंटों गुल रही. रात करीब नौ बजे हल्की बारिश और मेघ गर्जन के बाद अचानक बिजली आपूर्ति ठप हो गई, जिससे पूरे क्षेत्र में अंधेरा छा गया. रातभर लोग गर्मी और उमस से परेशान रहे. शनिवार सुबह बिजली विभाग की टीम ने मुख्य लाइन का फॉल्ट और इंसुलेटर पंचर की खराबी दूर करने के बाद आपूर्ति बहाल की.

एक सप्ताह से बनी हुई है समस्या

स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले एक सप्ताह से बिजली कटौती का सिलसिला लगातार जारी है. हल्की बारिश या तेज हवा चलते ही कहीं इंसुलेटर पंचर हो जाता है तो कहीं मुख्य लाइन में फॉल्ट आ जाता है. कभी ग्रिड तो कभी पावर सब स्टेशन में तकनीकी खराबी के कारण भी बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है. प्रतिदिन सात से आठ घंटे तक बिजली नहीं रहने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है.

गर्मी में बेहाल लोग, पढ़ाई और कारोबार पर असर

लगातार हो रही बिजली कटौती से उमस भरी गर्मी में लोगों का घरों में रहना मुश्किल हो गया है. पंखे और कूलर बंद रहने से लोग रातभर बेचैन रहते है. बिजली नहीं रहने से पेयजल आपूर्ति, घरेलू कामकाज, छोटे व्यापार और बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है. उपभोक्ताओं ने बिजली विभाग से नियमित और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है.

क्या कहते हैं अधिकारी ?

राजखरसावां विद्युत सब डिवीजन के सहायक अभियंता विदेश माझी ने बताया कि मेघ गर्जन और बारिश के कारण कई स्थानों पर इंसुलेटर पंचर हो गए थे और मुख्य लाइन में फॉल्ट आ गया था. इन तकनीकी खराबियों को दूर करने में समय लगा. उन्होंने कहा कि विभाग उपभोक्ताओं को बेहतर और नियमित बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है.


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लेखक के बारे में

शचिंद्र कुमार दाश प्रभात खबर के वरीय संवाददाता हैं और हिंदी पत्रकारिता में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखते हैं। वे झारखंड और ओडिशा की राजनीति, प्रशासन, ग्रामीण विकास, सामाजिक सरोकार, कानून-व्यवस्था तथा जनहित से जुड़े मुद्दों की रिपोर्टिंग करते हैं। इसके साथ ही कला, भाषा, संस्कृति, आध्यात्म और समसामयिक विषयों पर लेखन में उनकी विशेष रुचि है। नई जानकारियां जुटाना और उन्हें प्रमाणिक तथ्यों के साथ पाठकों तक पहुंचाना उनकी कार्यशैली की प्रमुख विशेषता है। उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, शिक्षा, खेल, पर्यावरण, साहित्य, संस्कृति से जुड़े विषयों को समेटती है। शचिंद्र कुमार दाश ग्राउंड रिपोर्टिंग पर विशेष जोर देते हैं। वे घटनास्थल पर पहुंचकर तथ्यों के आधार पर समाचार प्रस्तुत करने तथा आम लोगों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का प्रयास करते हैं।

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