झारखंड में फीका रहा मतदान, मगर सरायकेला में 1 बजे तक 47.57% वोटिंग

Seraikela Kharsawan Election: झारखंड में सोमवार को नगर निकाय चुनाव के लिए सुबह से ही मतदान फीका रहा. लेकिन, सरायकेला-खरसावां जिले के सरायकेला नगर पंचायत चुनाव में दोपहर एक बजे तक 47.57% मतदान दर्ज किया गया. झारखंड में जहां मतदान फीका रहा, वहीं यहां मतदाताओं में उत्साह दिखा. पूरी खबर नीचे पढ़ें.

सरायकेला से शचिंद्र दाश और प्रताप मिश्रा की रिपोर्ट

Seraikela Kharsawan Election: सरायकेला-खरसावां जिले के सरायकेला नगर पंचायत में अध्यक्ष पद समेत 10 वार्ड सदस्यों के चुनाव के लिए सोमवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण मतदान संपन्न हुआ. एक वार्ड सदस्य पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं. नगर पंचायत क्षेत्र के सभी 13 मतदान केंद्रों पर सुबह सात बजे से वोटिंग शुरू हुई और सुबह से ही मतदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं. अध्यक्ष पद के लिए सात प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं, जिनकी किस्मत का फैसला मतपेटियों में बंद हो रहा है. मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे और प्रशासनिक अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए थे.

पहले दो घंटे में 13 प्रतिशत से अधिक मतदान

मतदान की शुरुआत के साथ ही लोगों में उत्साह साफ नजर आया. सुबह नौ बजे तक 13.68 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर लिया था. इसके बाद जैसे-जैसे समय बढ़ता गया, मतदान प्रतिशत में भी तेजी से इजाफा होता गया. सुबह 11 बजे तक कुल 31.30 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया. दोपहर एक बजे तक यह आंकड़ा बढ़कर 47.57 प्रतिशत पहुंच गया. शुरुआती दो घंटे में ही 13 प्रतिशत से अधिक मतदान होना प्रशासन के लिए सकारात्मक संकेत माना गया.

युवा और महिला मतदाताओं में खास उत्साह

नगर पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर युवा और महिला मतदाताओं में विशेष उत्साह देखा गया. मतदान के बाद कई युवाओं को विक्ट्री साइन दिखाते और सेल्फी लेते हुए देखा गया. अल्पसंख्यक बहुल इलाकों के बूथों पर भी सुबह से ही महिलाओं की लंबी कतारें लगी रहीं. बड़ी संख्या में महिलाएं सुबह-सुबह मतदान केंद्र पहुंचीं और अपने मताधिकार का प्रयोग किया. कई महिलाओं ने कहा कि वे अपने क्षेत्र के विकास को ध्यान में रखकर मतदान कर रही हैं.

दिव्यांग और वरिष्ठ मतदाताओं के लिए विशेष व्यवस्था

मतदान को समावेशी और सुगम बनाने के लिए दिव्यांग मतदाताओं के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे. कई बूथों पर सुरक्षा बल के जवानों को दिव्यांग मतदाताओं को व्हीलचेयर के माध्यम से मतदान केंद्र तक पहुंचाते देखा गया. वरिष्ठ नागरिक भी मतदान में पीछे नहीं रहे। कई वृद्ध मतदाता लाठी के सहारे तो कुछ अपने परिजनों की मदद से बूथों तक पहुंचे. सुरक्षा कर्मियों ने भी बुजुर्ग मतदाताओं की सहायता की और उन्हें सम्मानपूर्वक मतदान कराने में सहयोग दिया.

सुरक्षा के व्यापक इंतजाम

मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए सभी बूथों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई थी. इसके अलावा पुलिस की गश्ती टीम लगातार विभिन्न इलाकों में भ्रमण करती रही. समाचार लिखे जाने तक कहीं से भी किसी तरह की झड़प या अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली. प्रशासन ने संवेदनशील बूथों पर विशेष नजर रखी और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहा.

प्रत्याशियों ने लिया जायजा

अध्यक्ष पद के सभी प्रमुख प्रत्याशी दिनभर विभिन्न बूथों का दौरा करते रहे. उन्होंने मतदान केंद्रों पर जाकर मतदान की स्थिति का जायजा लिया और अपने समर्थकों से बातचीत की. वार्ड सदस्य पद के प्रत्याशी भी अपने-अपने क्षेत्रों के बूथों पर डटे रहे. वहीं, प्रशासनिक अधिकारी भी समय-समय पर बूथों का निरीक्षण करते नजर आए.

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बढ़ते मतदान प्रतिशत से उत्साह

दोपहर एक बजे तक 47.57% मतदान दर्ज होना इस बात का संकेत है कि मतदाता लोकतांत्रिक प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं. दिन चढ़ने के साथ मतदान प्रतिशत में और वृद्धि की संभावना जताई गई. कुल मिलाकर सरायकेला नगर पंचायत चुनाव शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न होता दिखा, जहां मतदाताओं ने उत्साहपूर्वक अपने मताधिकार का प्रयोग किया और लोकतंत्र के इस पर्व को सफल बनाने में सक्रिय भागीदारी निभाई.

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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