सरायकेला से शचिंद्र दाश और हिमांशु गोप की रिपोर्ट
Jharkhand Road Project, रांची: झारखंड के सबसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्गों में से एक रांची–महुलिया (टाटा) खंड, राष्ट्रीय राजमार्ग-33 (नया एनएच-43 एवं एनएच-18) के सुदृढ़ीकरण एवं पुनर्विकास के लिए 214.79 करोड़ रुपये की ओवरले परियोजना को स्वीकृति प्रदान की गई है. 18 जून को सरायकेला-खरसावां जिले के चौका मोड़ स्थित दादूर बगान परिसर में दोपहर एक बजे इस सड़क का भूमि पूजन किया जाएगा. भूमि पूजन कार्यक्रम में मुख्य रुप से भारत सरकार के केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री सह स्थानीय सांसद संजय सेठ, जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो समेत विभागीय पदाधिकारी मौजूद रहेंगे.
रांची और जमशेदपुर के बीच यात्रा अधिक सुगम
इस महत्वपूर्ण परियोजना के पूर्ण होने से रांची और जमशेदपुर के बीच यात्रा अधिक सुगम, सुरक्षित एवं आरामदायक होगी. रांची-महुलिया खंड राज्य की राजधानी रांची को औद्योगिक नगरी जमशेदपुर से जोड़ने वाला प्रमुख परिवहन गलियारा है. इस मार्ग पर प्रतिदिन भारी वाणिज्यिक वाहनों, यात्री बसों, खनिज परिवहन वाहनों तथा स्थानीय यातायात का व्यापक आवागमन होता है. लगातार बढ़ती यातायात, मानसून के दौरान जल प्रवेश और सड़क की बढ़ती आयु के कारण कई स्थानों पर सड़क की सतह क्षतिग्रस्त हो गई है, जिससे यात्रा प्रभावित हो रही है.
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सड़क की संरचनात्मक क्षमता बढ़ेगी
प्रस्तावित कार्य के अंतर्गत क्षतिग्रस्त बिटुमिनस सतह की मिलिंग कर उसे हटाया जाएगा और आवश्यक सुदृढ़ीकरण के बाद डेंस बिटुमिनस मैकाडम (DBM) और बिटुमिनस कंक्रीट (BC) की नई परत बिछाई जाएगी. इससे सड़क की स्ट्रक्चरल कैपेसिटी बढ़ेगी. यात्रा के समय में कमी आने के साथ साथ सड़क सुरक्षा में भी उल्लेखनीय सुधार होगा. यह परियोजना खनिजों, औद्योगिक उत्पादों तथा अंतर्राज्यीय यातायात के दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है. रांची–टाटा कॉरिडोर झारखंड को ओडिशा एवं पश्चिम बंगाल से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. परियोजना के पूर्ण होने के बाद इस मार्ग पर यातायात संचालन और अधिक सुगम एवं निर्बाध हो सकेगा.
आईआरसी के मानकों के अनुरूप होगा कार्य
मथुरा स्थित मेसर्स एसआरएससी इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड को इस कार्य के लिए दो पैकेजों में कुल 214.79 करोड़ रुपये की लागत से कार्य आवंटित किया गया है. निर्माण कार्य भारतीय सड़क कांग्रेस (IRC) के मानकों, स्वीकृत तकनीकी विनिर्देशों एवं गुणवत्ता नियंत्रण प्रक्रियाओं के अनुरूप किया जाएगा. इस महत्वपूर्ण परियोजना को रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ के सतत प्रयासों एवं पहल के परिणामस्वरूप स्वीकृति प्राप्त हुई है. संजय सेठ ने रांची-टाटा मार्ग की जर्जर स्थिति को देखते हुए इसके सुदृढ़ीकरण की आवश्यकता को लगातार संबंधित मंत्रालय एवं विभागों के समक्ष उठाया था. यह परियोजना झारखंड के आधारभूत ढांचे को मजबूती प्रदान करने के साथ-साथ क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों, औद्योगिक विकास एवं यातायात सुविधा को नई गति प्रदान करेगी.
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