गुरु पूर्णिमा पर सरस्वती शिशु मंदिर में श्रद्धा और उत्साह का माहौल, मौके पर मौजूद रहें कई छात्र छात्राएं और अतिथि

सरायकेला के सरस्वती शिशु मंदिर में गुरु पूर्णिमा का पर्व धूमधाम से मनाया गया। वक्ताओं ने गुरु-शिष्य परंपरा और जीवन में गुरु के महत्व पर प्रकाश डाला।

सरायकेला: आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा पर सरस्वती शिशु मंदिर उच्च विद्यालय, सरायकेला में गुरु पूर्णिमा का पर्व श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया. प्रधानाचार्य पार्थ सारथी आचार्य ने गुरु पूर्णिमा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु अज्ञान रूपी अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं और जीवन को सही दिशा प्रदान करते हैं.

उन्होंने कहा कि माता-पिता प्रथम गुरु होते हैं, जबकि विद्यालय के आचार्य विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन और श्रेष्ठ आचरण की सीख देते हैं. अध्यक्ष रमानाथ आचार्य ने कहा कि गुरु के मार्गदर्शन से ही व्यक्ति अपने लक्ष्य तक पहुंचता है.

इससे पूर्व विद्यालय के शांतिकुंज में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति के अध्यक्ष रमानाथ आचार्य, कोषाध्यक्ष प्रसाद महतो, सदस्य गुरुचरण महतो एवं चिरंजीवी महापात्र, प्रधानाचार्य पार्थ सारथी आचार्य तथा उपप्रधानाचार्य तुषार कांत पति ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया.

इस मौके पर प्रसाद महतो, शालिनी दीदी एवं उपप्रधानाचार्य तुषार कांत पति ने भी गुरु-शिष्य परंपरा, भारतीय संस्कृति, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा पर विचार व्यक्त किए. समारोह में विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति के पदाधिकारी, आचार्यगण, दीदीजी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे.


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By प्रताप कुमार मिश्रा

प्रताप कुमार मिश्रा वर्ष 2003 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने कोल्हन विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में स्नातक किया है. राजनीतिक, सामाजिक, क्राइम, खेल की खबरों में इन्हें विशेषज्ञता हासिल है. डिजिटल जर्नलिज्म में 10 साल का अनुभव है.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >