खरसावां : कोल्हान प्रमंडल के पारंपरिक ग्राम प्रधान संघ के प्रतिनिधिमंडल ने राज्य पंचायती राज विभाग की निदेशक राजेश्वरी बी से मुलाकात की. प्रतिनिधिमंडल ने अनुसूचित क्षेत्रों में पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था को और मजबूत करने को लेकर सुझाव दिए और विभिन्न मांगों से संबंधित मांग पत्र सौंपा.
ग्राम सभा की भूमिका को और प्रभावी बनाने पर जोर
ग्राम प्रधानों ने कहा - अनुसूचित क्षेत्रों में गांव की सामाजिक और सांस्कृतिक व्यवस्था को बनाए रखने में पारंपरिक ग्राम प्रधानों की अहम भूमिका है. ग्राम सभा की अध्यक्षता से लेकर विभिन्न तरह के विवादों के निपटारे तक ग्राम प्रधान महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाते हैं. सरकार भी इस पारंपरिक व्यवस्था के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में पहल कर रही है. इसके तहत ग्राम प्रधानों को सम्मान राशि भी दी जा रही है. प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि पेसा नियमावली लागू होने के बाद ग्राम प्रधानों और ग्राम सभाओं को और मजबूती मिली है. ग्राम सभाओं को अपने क्षेत्र से जुड़े विभिन्न मामलों में कई अधिकार दिए गए हैं. अब इन अधिकारों को प्रभावी रूप से धरातल पर लागू करने की जरूरत है.
निदेशक ने दिया कार्रवाई का भरोसा
निदेशक राजेश्वरी बी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि ग्राम सभाओं को मजबूत करना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है. पेसा के प्रावधानों के अनुरूप ही कार्यों का संपादन किया जाएगा. उन्होंने ग्राम प्रधानों की ओर से सौंपे गये मांग पत्र पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया. मौके पर दुर्योधन प्रधान, अरुण कुमार बारिक, मृत्युंजय महतो, अनिल कुमार मोहंती, राजेश कुमार महतो, प्रभात रंजन महतो, संतोष नायक समेत कई पारंपरिक ग्राम प्रधान उपस्थित थे.
