Seraikela Kharsawan News : शवों के पहुंचते ही सेलाइडीह में मची चीख पुकार, एक साथ उठीं तीन अर्थियां
गांव में पसरा सन्नाटा, मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हुआ
By ATUL PATHAK | Updated at :
खरसावां. कराइकेला (चक्रधरपुर) में रविवार की रात हादसे में मारे गये चार युवकों में तीन युवक रवि बिरुली (19), आकाश गोप (19) व अर्जुन टुडू (20) कुचाई के सेलाइडीह गांव के निवासी थे. पोस्टमार्टम के बाद सोमवार की रात तीनों शवों को गांव लाया गया. शव पहुंचते ही चीख-पुकार मच गयी. हर आंखें नम थीं. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. मंगलवार की सुबह रीति-रिवाज से तीनों का अंतिम संस्कार किया गया. पूरे गांव में मातमी सन्नाटा छाया रहा.
घूमने जा रहे हैं कह कर घर से निकले थे तीनों:
कुचाई के सेलाइडीह गांव के रवि बिरुली, आकाश गोप व अर्जुन टुडू अपने दोस्त आंकलकुटू (खूंटपानी) के आकाश कुदादा के साथ घूमने जा रहे हैं कह कर घर से निकले थे. घर वालों को नहीं बताया था कि कहां जा रहे हैं. इसी बीच सोमवार (26 जनवरी) की दोपहर सूचना मिली कि दुर्घटना में चारों की मौत हो गयी.एक
सप्ताह पहले बेटी का पिता बना था रवि, शव देख फफक पड़ी पत्नी
सेलायडीह के रवि बिरुली (19) अपने तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ा था. पिछले साल उलीराजाबासा की फूलकुमारी बिरुली के साथ शादी हुई थी. एक सप्ताह पहले वह बेटी का पिता बना था. पति का शव देख कर फूलकुमारी फफक-फफक कर रोने लगी. नन्हीं बेटी को हाथों में लिए फूलकुमारी की आखें से आंसू थम नहीं रहे थे. ससुर सेलाय बिरुली समेत घर के लोग फूलकुमारी को ढांढ़स बंधाते रहे. रवि बिरुली अपने परिजनों के साथ गांव में रह रहा था. परिवार के सदस्यों के साथ मेहनत मजदूरी कर जीवन-यापन करता था.
पिता के कमजोर कंधों का सहारा था आकाश, मजदूरी कर मदद करता था
सड़क दुर्घटना में मृत सेलाइडीह गांव के आकाश गोप (19) अपने पांच भाई-बहनों में तीसरा था. वह घर पर माता-पिता के साथ रह कर काम करता था. आकाश के पिता मंगलु गोप की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है. वह मेहनत मजदूरी करने का साथ साथ अपने पिताजी के काम में हाथ बंटाता था. सड़क दुर्घटना में असमय काल के गाल में समा गया. आकाश काफी मिलनसार था. गांव के लोगों के सुख-दुख में सहभागी था. आकाश की मौत से पूरे गांव के लोगों ने दुख जताया है.
बाहर काम करता था अर्जुन, मकर मनाने आया था घर
सड़क दुर्घटना में मृत सेलाइडीह गांव के अर्जुन टुडू किसी राज्य से बाहर रहकर काम करता था. कई माह के बाद मकर पर्व मनाने के लिए अपने गांव आया था. उसे अगले सप्ताह फिर काम के लिए बाहर जाना था. इसी दौरान सड़क दुर्घटना में उसकी मौत हो गयी. अर्जुन टुडू के माता-पिता का पहले ही निधन हो गया है. घर पर उसका एक बड़ा भाई और चाचा-चाची रहते हैं. अर्जुन टुडू ने मकर का त्योहार अपने बड़े भाई व चाचा-चाची के साथ खुशनुमा माहौल में मनाया था.
तमिलनाडु में मजदूरी करता था आकाश, सप्ताह भर पहले खरीदी थी बाइक
सड़क दुर्घटना में मृत खूंटपानी के आंकलकुटी गांव निवासी आकाश कुदादा तमिलनाडु में मजदूरी करता था. मकर पर्व पर घर लौटा था. करीब सप्ताह भर पहले चाईबासा से केटीएम बाइक खरीदी थी. गांव वालों ने बताया कि बाइक खरीदने के बाद अपने दोस्तों के साथ घूमने जाता था. शनिवार को आकाश अपने तीन साथियों के साथ बाइक पर सवार होकर निकला था. पिता बबलू कुदादा समेत परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
चिंताजनक: हादसों से सबक नहीं ले रहे लोग
सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन लगातार अभियान चला रहा है. इसके बावजूद कोल्हान में सड़क दुर्घटना की संख्या में कमी नहीं आ रही है. ओवर स्पीड व यातायात नियमों की अनदेखी के कारण ज्यादातर दुर्घटनाएं हो रही हैं. इसके बावजूद लोग ट्रैफिक नियमों की अनदेखी कर रहे हैं. बिना हेलमेट बाइक चलाना, ट्रिपल राइडिंग, ड्रिंक एंड ड्राइव जैसी लापरवाही के कारण हादसे बढ़ रहे हैं. खराब सड़कें भी दुर्घटना का एक कारण हैं.
बाइकरों की स्टंटबाजी भी बड़ा खतरा
सड़क हादसों में वृद्धि का एक कारण युवाओं में बाइक पर स्टंट करना भी है. सड़कों पर बाइकर्स खुलेआम स्टंट करते देखे जाते हैं. इससे दूसरे वाहन चालकों को भी खतरा होता है. प्रेशर हॉर्न, तेज आवाज वाले साइलेंसर और ध्वनि प्रदूषण भी गंभीर समस्या हैं.