सरायकेला के सीमावर्ती रोलाहातु से शचिंद्र कुमार दाश की रिपोर्ट
Saraikela News: झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के अंतिम सीमा पर घने जंगल और पहाड़ियों के बीच बसा है कुचाई प्रखंड का रोलाहातु पंचायत का अतरा गांव. यहां के छह टोला—हुडांगदा, तिलुडीह, बांदुगुटू, नवाटोला, श्रीजंग और तारोपडीह के ग्रामीण आज भी सड़क, पानी, बिजली और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं से दूर हैं. इलाके तक पहुंचना कठिन है और ग्रामीणों की आजीविका जंगल और वनोपज पर निर्भर है
पगडंडियों पर चलती है ग्रामीणों की जिंदगी, बारिश में मुश्किलें बढ़ जाती हैं
अतरा तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क है, लेकिन छह टोला तक जंगल और पहाड़ियों के बीच बनी पगडंडियों पर ही आवागमन करना पड़ता है. ग्रामीणों ने श्रमदान से रास्ता बनाया है, लेकिन बारिश के दिनों में हालात बेहद कठिन हो जाते हैं. थोड़ी सी असावधानी भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है. गांव में सड़क न होने के कारण एंबुलेंस भी नहीं पहुंच पाती. गंभीर मरीजों को खटिया पर ढोकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है. चुआ के पानी से प्यास बुझती है, बच्चों के लिए ढाई किलोमीटर की मुश्किल यात्रा ग्रामीणों को पानी के लिए अभी भी पहाड़ी के नीचे चुआ का पानी लाना पड़ता है, क्योंकि किसी भी जगह चापाकल नहीं लगी है. अतरा के छह टोला में स्कूल और आंगनवाड़ी नहीं हैं. बच्चे करीब ढाई किलोमीटर दूर घने जंगल और पहाड़ी रास्तों से स्कूल और आंगनवाड़ी जाते हैं. उत्क्रमित मध्य विद्यालय का भवन भी दयनीय स्थिति में है. स्कूल में कक्षा एक से आठ तक की पढ़ाई दो सहायक शिक्षकों पर निर्भर है. आंगनवाड़ी भवन का निर्माण कार्य दस वर्षों से अधूरा पड़ा है.
बिजली और आजीविका की समस्या
अतरा के छह टोला में अब तक बिजली नहीं पहुंची है. बिजली न होने के कारण लोग आधुनिक उपकरणों का उपयोग नहीं कर पाते हैं. खेती योग्य जमीन कम होने और बिजली न होने की वजह से ग्रामीण अपनी आजीविका के लिए जंगल की सुखी लकड़ी, पत्ता, वनोत्पाद पर निर्भर हैं.
सड़क निर्माण से खुलेगा विकास का द्वार: विधायक
विधायक दशरथ गागराई ने जनचौपाल में ग्रामीणों से संवाद करते हुए उन्हें आश्वस्त किया कि इन गांवों तक पक्की सड़क निर्माण प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा. उन्होंने कहा कि सड़क सुविधा मिलने से शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और ग्रामीणों की रोजमर्रा की समस्याएं कम होंगी. विधायक ने रोलाहातु के सभी 14 मौजा के गांवों का भ्रमण कर समस्याओं की जानकारी ली है और जल्द ही सभी समस्याओं का समाधान करने का भरोसा दिया.
विकास की नई उम्मीद जगी
अतरा क्षेत्र कभी नक्सल प्रभावित रहा है और लोग यहां जाने से डरते थे. अब नक्सल गतिविधियों में कमी आई है और क्षेत्र धीरे-धीरे विकास की मुख्य धारा से जुड़ रहा है. विधायक के साहसिक दौरे और जनचौपाल के बाद ग्रामीणों में विकास की नई उम्मीद जगी है. इस अवसर पर बासंती गागराई, धर्मेंद्र मुंडा, राम सोय, राहुल सोय, भरत सिंह मुंडा, चंद्र मोहन मुंडा, नीतेश कुमार, मणीराम मुंडा, सुखलाल मुंडा, गोबरा मुंडा सहित कई ग्रामीण उपस्थित रहे.
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