सरायकेला की मुरूप पंचायत के कदमडीहा गांव में रविवार को पारंपरिक आषाढ़ी पूजा पूरे श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुई. गांववासियों ने साल वृक्ष के नीचे एकत्रित होकर अच्छी वर्षा, भरपूर फसल और गांव की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की. गांव के नाया नित्यानंद महतो ने पूरी विधि-विधान के साथ पूजा संपन्न कराई. इस दौरान गांव के पुरुषों ने प्रकृति और कृषि देवताओं की विशेष आराधना की. ग्राम प्रधान ने बताया कि यह पर्व हर साल आषाढ़ महीने में धान की बुआई और रोपनी से ठीक पहले मनाया जाता है, जो नयी पीढ़ी को अपनी समृद्ध संस्कृति से जोड़ने का एक माध्यम है.
प्रसाद ग्रहण के साथ अनुष्ठान का समापन
इस धार्मिक अनुष्ठान के मुख्य उद्देश्यों में अच्छी मानसूनी बारिश, प्रचुर फसल उत्पादन और पशुधन की रक्षा शामिल है. मुख्य अनुष्ठान के बाद जाहिर थान से बाहर आकर गांव के पुरुषों ने पारंपरिक पकवान बनाए और प्रसाद ग्रहण किया. इस अवसर पर पूरे गांव में भाईचारे और उल्लास का माहौल रहा.
बड़ी संख्या में ग्रामीण हुए शामिल
मौके पर ग्राम प्रधान नित्यानंद महतो के अलावा मनसुख महतो, नंदलाल महतो, भीम महतो, बांका महतो, मुकेश महतो, शैलेश महतो, दीपक महतो, बलदेव महतो, मिहिर महतो, दारा महतो, अरविंद महतो, मनोज महतो, गोमहा महतो, माघुराम महतो, कार्तिक महतो, ठाकुरा महतो, बबलू महतो, शामलाल महतो, मनसा मुखी, रामु मुखी, भालु मुखी, दुखु दास आदि उपस्थित थे.
