अपने राजा के लिए व्हील चेयर पर प्रचार कर रहीं रानी, कर रहीं डोर टू डोर जनसंपर्क

Saraikela Election: झारखंड के सरायकेला नगर पंचायत चुनाव में राजा प्रताप आदित्य सिंहदेव के समर्थन में रानी अरुणिमा सिंहदेव व्हील चेयर पर बैठकर डोर-टू-डोर प्रचार कर रही हैं. दो बार अध्यक्ष रह चुकी रानी अस्वस्थ होने के बावजूद जनसंपर्क अभियान चला रही हैं और मतदाताओं से समर्थन की अपील कर रही हैं. नीचे पूरी खबर पढ़ें.

सरायकेला से शचिंद्र कुमार दाश

Saraikela Election: झारखंड निकाय चुनाव की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, प्रत्याशियों का प्रचार भी जोर पकड़ रहा है. इसी सिलसिले में सरायकेला नगर पंचायत में चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है. सरायकेला राज घराने के राजा प्रताप आदित्य सिंहदेव भी पहली बार सरायकेला नगर पंचायत के अध्यक्ष पद के लिए ताल ठोक रहे है. खास बात यह है कि उनके समर्थन में राजघराने की रानी अरुणिमा सिंहदेव भी पूरी सक्रियता के साथ प्रचार में जुटी हैं.

कई सालों से बीमार हैं रानी

पिछले कुछ वर्षों से अस्वस्थ चल रहीं रानी अरुणिमा को चलने-फिरने में दिक्कत होती है. इसके बावजूद वे व्हील चेयर पर बैठकर नगर के विभिन्न गली-मोहल्लों में पहुंच रही हैं. रानी अरुणिमा डोर-टू-डोर जनसंपर्क अभियान चला रही हैं और लोगों से सीधे संवाद कर अपने पति के पक्ष में मतदान करने की अपील कर रही हैं. उनकी इस सक्रियता को लेकर आम लोगों में भी चर्चा है.

घर-घर पहुंच रहीं, मांग रहीं समर्थन

रानी अरुणिमा सिंहदेव लोगों के बीच जाकर विकास, साफ-सफाई, पेयजल और बुनियादी सुविधाओं जैसे मुद्दों पर बातचीत कर रही हैं. वे मतदाताओं को भरोसा दिला रही हैं कि नगर पंचायत में बेहतर प्रशासन और विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी. उनकी मौजूदगी से समर्थकों में खासा उत्साह देखा जा रहा है.

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दो बार अध्यक्ष रह चुकी हैं रानी

गौरतलब है कि झारखंड राज्य गठन के बाद सरायकेला नगर पंचायत के हुए तीन चुनावों में से दो बार के चुनाव वर्ष 2008 और 2013 में रानी अरुणिमा सिंहदेव अध्यक्ष पद पर जीत हासिल कर चुकी हैं. नगर प्रशासन का अनुभव होने के कारण वे चुनावी रणनीति और जनसंपर्क में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं. अब देखना दिलचस्प होगा कि राजघराने का यह प्रभाव और रानी की सक्रिय भागीदारी चुनावी परिणामों को किस दिशा में ले जाती है.

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लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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