राजनगर. राजनगर प्रखंड क्षेत्र के कालाझरना गांव में आदिवासी हो समुदाय का पारंपरिक मागे पर्व हर्षोल्लास और सांस्कृतिक उत्साह के साथ मनाया गया. आयोजन शहीद बिरसा क्लब के तत्वावधान में हुआ. पूरे गांव में पर्व को लेकर खासा उत्साह देखा गया.
अखाड़ा स्थल पर रातभर चला मागे नृत्य :
अखाड़ा स्थल पर पारंपरिक मागे नृत्य और वादन की मनोहारी प्रस्तुति दी गयी. रातभर चले इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में युवाओं और बुजुर्गों ने पारंपरिक वेशभूषा में नृत्य कर अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक पेश की. ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की थाप पर कलाकारों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया. सुबह तक लगातार मागे नृत्य करने वाले प्रतिभागियों को विशेष रूप से सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया. हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी मिस कालाझरना, मिसेज कालाझरना, मिस्टर कालाझरना, बेस्ट ट्रेडिशनल ड्रेस तथा श्रेष्ठ मागे नृत्य (लेगेम लुकू) जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की गयीं. मिस कालाझरना का खिताब पश्चिमी सिंहभूम (मझगांव) की सुशीला तिरिया ने जीता, जिन्हें ड्रेसिंग टेबल प्रदान कर सम्मानित किया गया. मिसेज कालाझरना के रूप में जमशेदपुर के नंदुप गांव की जेमा दिग्गी चयनित हुईं और उन्हें ट्रॉली बैग भेंट किया गया. नंदुप के गणेश गुइया को मिस्टर कालाझरना चुना गया. बेस्ट ट्रेडिशनल ड्रेस का पुरस्कार खैरबनी की संध्या मेलगांडी को मिला, जबकि श्रेष्ठ नृत्य प्रदर्शन (लेगेम लुकू) श्रेणी में ओडिशा के मकड़ी गांव की पूजा पूर्ति को सम्मानित किया गया.
खेलकूद प्रतियोगिताओं में भी दिखा उत्साह :
पर्व के दौरान तीरंदाजी, म्यूजिक चेयर, बिस्कुट रेस सहित विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया. विजेताओं को आकर्षक पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया, जिससे प्रतिभागियों में खासा उत्साह देखने को मिला. कार्यक्रम के सफल आयोजन में सितंबर देवगम, लाल मोहन जामुदा, पूर्व दियुरी पितराम सोय, लालसिंह सोय, रोशन जामुदा, बिरसा सिदू, अर्जुन सिदू, छोटेलाल सिदू, टिंकू सोय, पहलवान सोय, अमन सोय, बगराई जामुदा, दियुरी दुम्बी देवगम सहित क्लब के सदस्यों एवं समस्त कालाझरनावासियों का अहम योगदान रहा.