प्रताप मिश्रा/धीरज कुमार
Saraikela: सरायकेला प्रखंड अंतर्गत मानिक बाजार गांव निवासी आंगनबाड़ी सेविका प्रभाती महतो और एलआईसी एजेंट आस्तिक महतो की बेटी नम्रता महतो जेपीएससी की परीक्षा में सफलता हासिल कर फूड सेफ्टी ऑफिसर बनी हैं. उन्हें 15वां रैंक हासिल हुआ है. नम्रता महतो ने कहा कि सफलता के लिए समय लगता है. इसमें प्रतिभागी के धैर्य की परीक्षा भी होती है. गिरकर जो संभलता है, हमेशा सफलता उसके कदम चूमती है. उन्होंने कहा कि समाज में लड़कियों के प्रति नजरिया लड़कों से कहीं अलग है. लड़कियों को सफलता हासिल करने के लिए कभी भी दबाव में नहीं आना चाहिए और ना ही कभी माता पिता को अपनी लड़कियों पर दबाव बनाना चाहिए.
नम्रता ने कहा कि माता पिता को चाहिए कि बेटी की शादी के लिए दहेज जमा करने की जगह पढ़ाई पर पैसा खर्च करें, बेटियां कभी निराश नहीं करेंगी. उसने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, भाई-बहन, शिक्षकों और दोस्तों को दिया है.
आंगनबाड़ी सेविका की बेटी है नम्रता
नम्रता महतो के पिता आस्तिक चंद्र महतो एलआईसी के एजेंट हैं, वहीं उनकी माता प्रभाती महतो आंगनबाड़ी सेविका हैं. नम्रता महतो अपने पिता के तीन संतान में सबसे बड़ी है. उससे छोटी एक बहन और एक भाई है. नम्रता महतो के पिता ने बताया कि नम्रता बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि की रही है. उसकी प्राथमिक शिक्षा (1-5) सरायकेला के बाल विकास शिक्षा निकेतन में हुई. कक्षा छह के लिए उसका चयन नेतरहाट के लिए हुआ. हजारीबाग के इंदिरा गांधी बालिका विद्यालय से दसवीं तक की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद विशाखापत्तनम के श्री चैतन्य टेक्नो स्कूल से प्लस टू की पढ़ाई पूरी की. रांची के बिरसा कृषि विश्वविद्यालय से एग्रीकल्चर ऑनर्स के साथ बीएससी की पढ़ाई पूरी की.
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