Seraikela Kharsawan News : कल से कुम्हार रीडिंग में शराब बिक्री पर रोक
खरसावां : गांव में युवाओं ने नशामुक्ति को लेकर की बैठक
By ATUL PATHAK | Updated at :
खरसावां. खरसावां प्रखंड के कुम्हार रीडिंग गांव को नशामुक्त बनाने की पहल शुरू की गयी है. राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर गांव के युवाओं ने निर्णय लिया कि 30 जनवरी 2026 से गांव में किसी भी हालत में शराब की बिक्री या चुलाई नहीं की जायेगी. अवैध रूप से शराब की बिक्री करने पर कार्रवाई की जायेगी. इस निर्णय का प्रचार-प्रसार गांव के चौक-चौराहों में भी किया गया है.
पारिवारिक कलह और सामाजिक समस्याओं की वजह नशाखोरी:
बैठक में ग्रामीणों ने बताया कि देसी और विदेशी शराब के सेवन के कारण अक्सर पारिवारिक कलह, मारपीट और महिलाओं के साथ छेड़छाड़ जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं. इसके अलावा, स्कूल और कॉलेज जाने वाले बच्चे भी नशे की प्रवृत्ति में फंस रहे हैं, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है और गांव का विकास बाधित हो रहा है.
शराब की बिक्री पर रोक लगाने की मांग:
ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से शराब की बिक्री रोकने की मांग की. बैठक में लिये गये निर्णय की जानकारी स्थानीय थाना को भी दी जायेगी. बैठक में टांको कुम्हार, मैनेजर कुम्हार, माझी कुम्हार, बुधु कुम्हार, मुखिया के पति रामधन हेंब्र्रम, चुआ कुम्हार, टांगु कुम्हार, लखिंद्र कुम्हार, पेटू कुम्हार, सुनील कुम्हार, मालू कुम्हार, अनिल कुम्हार समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे.
जिम्मेवार से बातचीत
सवाल:
खरसावां थाना क्षेत्र में अवैध शराब पर रोक लगाने के लिए कार्रवाई हो रही है.
जवाब:
अवैध शराब के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है. शराब की बिक्री करने या चुलाई करने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो रही है. पहले भी शराब की कई भट्ठियों को ध्वस्त कर प्राथमिकी दर्ज की गयी है. जहां भी अवैध रूप से शराब की बिक्री हो रही हो, सूचित करें. नाम गुप्त रखकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जायेगी. साथ ही गांव के लोगों को जागरूक भी किया जायेगा. नशापान से होने वाले नुकसान की जानकारी दी जायेगी.
सवाल:
क्षेत्र को नशा मुक्त बनाने की दिशा में कुम्हार रीडिंग गांव के युवाओं की पहल को कैसे देखते हैं.
जवाब:
गांव को नशामुक्त बनाने की दिशा में युवाओं की ओर से शुरू की जा रही पहल काफी सराहनीय है. यह एक सकारात्मक पहल है. इसमें पुलिस-प्रशासन का भी सहयोग रहेगा. इससे पहले भी रामपुर, टांकोडीह समेत कई गांवों में शराब की बिक्री पर रोक लगाने के लिए ग्रामीणों ने इस तरह की पहल की थी. अब उन गांवों में शराब की बिक्री पूरी तरह से बंद है. गांव को नशामुक्त बनाने में जनसहभागिता जरूरी है.