खरसावां : 22 सामाजिक संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में कार्यक्रम आयोजित
सोना नदी से निकाली गयी गोट दा, शामिल हुए पांच विधायक समेत समाज के लोग
खरसावां : 1005 घट (कलश) पानी से शनिवार को खरसावां शहीद बेदी का जाते-परची (शुद्धिकरण) किया गया. आदि संस्कृति एवं विज्ञान केंद्र समेत 22 सामाजिक संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में सुबह साढ़े दस बजे सोना नदी के बिदरी घाट से गोट दा (कलश यात्रा) निकाली गयी. दोपहर 11.57 बजे शहीद बेदी पर सोना नदी के बिदरी घाट व विभिन्न गांवों से लाये गये पानी से विभिन्न गांवों से आये दिउरियों ने आदिवासी रीति-रिवाज के साथ शहीद बेदी का जाते-परची (शुद्धिकरण) व बुरु बोंगा (पूजा) किया. जाते-परची कार्यक्रम में सरायकेला विधायक चंपई सोरेन,
खरसावां विधायक दशरथ गागराई, मनोहरपुर विधायक जोबा माझी, चक्रधरपुर विधायक शशिभूषण सामड, चाईबासा विधायक दीपक बिरुआ, पूर्व मंत्री देवेद्र नाथ चांपिया, झामुमो जिलाध्यक्ष रंजीत प्रधान, भुवनेश्वर महतो, आदि संस्कृति एवं विज्ञान केंद्र के जिलाध्यक्ष दामोदर हांसदा, उपाध्यक्ष गुरुचरण बांकिरा, मुकेश बिरुआ, बाबूराम सोय, विंज विक्रम बोदरा, दीत नारायण बांदिया समेत हजारों लोगों ने हिस्सा लिया.
सीएम से दुर्व्यवहार की नये सिरे से होगी जांच
कोल्हान प्रमंडल के नये डीआइजी प्रभात कुमार ने कहा कि खरसावां गोलीकांड शहीद स्थल पर एक जनवरी को मुख्यमंत्री के साथ दुर्व्यवहार मामले में पुलिसिया चूक की नये सिरे से समीक्षा की जायेगी. सीएम के आगमन को लेकर स्थानीय पुलिस प्रशासन की सुरक्षा की जांच की जायेगी. देखा जायेगा कि मुख्यमंत्री के शहीद पार्क में पहुंचने के पूर्व आदिवासी संगठन के लोग काला झंडा लेकर नारेबाजी कर रहे थे या नहीं. अगर पहले से नारेबाजी हो रही थी, तो पुलिस ने उन्हें क्यों नहीं हटाया.
