सरायकेला: प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधिश रमाशंकर सिंह की अदालत ने नाबालिक किशोरी को प्रेमजाल में फंसाकर भगा ले जाने के मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी हबु लोहार उर्फ विशाल को दोषी करार देते हुए कड़ी सजा सुनाई है. अदालत ने पोक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत आरोपी को 25 वर्ष का सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है.जुर्माना नहीं देने पर आरोपी को 3 माह का अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी. आरोपी सरायकेला थाना क्षेत्र के गोविंदपुर पंचायत अंतर्गत पांडुवा गांव का निवासी है.
अदालत ने कई धाराओं में सुनाई सजा
- न्यायालय ने आरोपी के खिलाफ पोक्सो एक्ट के अलावा भारतीय दंड विधान की विभिन्न धाराओं में भी सजा सुनाई है.
- इसके तहत धारा 363 के तहत 3 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 2 हजार रुपये का जुर्माना,जुर्माना नहीं देने पर 3 माह का अतिरिक्त कारावास.
- धारा 366 ए के तहत 5 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 5 हजार रुपया जुर्माना,जुर्माना नहीं देने पर 6 माह का अतिरिक्त कारावास.
- धारा 506 के तहत 6 माह का सश्रम कारावास एवं 1 हजार रुपये जुर्माना, जुर्माना नहीं देने पर 15 दिन का अतिरिक्त कारावास तथा
- धारा 323 के तथा 3 माह का सश्रम कारावास की सजा सुनाई है.सभी सजाए साथ साथ चलेंगी.
क्या था पूरा मामला
सरायकेला थाना में 28 मई 2024 को नाबालिक के पिता ने मामला दर्ज कराया था. प्राथमिकी में कहा गया था कि आरोपी हबु लोहार पिछले कुछ वर्षों से नाबालिक से बातचीत कर रहा था और उसे बहला-फुसलाकर प्रेमजाल में फंसा लिया था. घरवालों ने कई बार आरोपी को चेतावनी भी दी थी.
27 मई 2024 की देर शाम करीब 8 बजे आरोपी नाबालिक को बहला-फुसलाकर अपने साथ भगा ले गया. काफी खोजबीन के बाद भी जब बच्ची नहीं मिली तो परिजनों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने जांच के बाद आरोपी को खरसावां थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था.
