कानूनी लड़ाई लड़ने से पूर्व मौलिक अधिकारों की जानकारी जरूरी: मो कासिम

/रफोटो14एसेकेल2- संबोधित करते मो कासिम प्रतिनिधि, सरायकेला जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तहत बालक मवि प्रांगण में मौलिक अधिकारों को लेकर चित्रांकन व वाद विवाद एवं निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. समारोह में मुख्य रूप से जिला एवं सत्र न्यायाधीश मो कासिम उपस्थित थे. समारोह को संबोधित करते हुए मो कासिम ने कहा कि […]

/रफोटो14एसेकेल2- संबोधित करते मो कासिम प्रतिनिधि, सरायकेला जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तहत बालक मवि प्रांगण में मौलिक अधिकारों को लेकर चित्रांकन व वाद विवाद एवं निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. समारोह में मुख्य रूप से जिला एवं सत्र न्यायाधीश मो कासिम उपस्थित थे. समारोह को संबोधित करते हुए मो कासिम ने कहा कि कानूनी लड़ाई लड़ने से पूर्व मौलिक अधिकारों की जानकारी होना जरूरी है. निबंध, चित्रांकन व वाद विवाद प्रतियोगिता के माध्यम से स्कूली बच्चे मौलिक अधिकारों के बारे में जानकारी हासिल करेंगे. मो कासिम ने कहा कि वर्ष 1984 में लोक अदालत को मान्यता मिली ताकि लोगों को सुलभ तरीके से न्याय कम समय में उपलब्ध करायी जा सके . कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसीजीएम ने महिला अधिकार के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि अभिभावक दहेज देने के लिए तैयार रहते हैं. परंतु उन्हें उनके अधिकार देने से कतराते रहते हैं. हम तभी अपने अधिकार को प्राप्त कर सकते हैं, जब हमें अपने मौलिक अधिकार के बारे में जानकारी हो. कार्यक्रम को बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बीएन रथ, समाज सेवी जलेश कवि ने भी संबोधित किया. कार्यक्रम का संचालन डीएसइ सुरेश चंद्र घोष ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन जिला शिक्षा पदाधिकारी हरिशंकर राम ने दी.

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