अतिक्रमणमुक्त नहीं हो सकीं सड़कें, वाहन पड़ाव की समस्या बरकरार

खामियाजा आम जनता को उठाना पड़ रहा है, अभियान चलाने पर दिया गया जोर

साहिबगंज. शहर के सुभाष चौक से लेकर बिजली ऑफिस तक पार्किंग के नाम पर सड़क के एक किनारे पेवर ब्लॉक और स्टील की रेलिंग लगाई गई थी, ताकि शहर खूबसूरत दिखे. लोग अपने छोटे वाहन, मोटरसाइकिल और साइकिल इसमें पार्क करें और पैदल ही फुटपाथ पर चलें, लेकिन सभी व्यवस्थाएं धरातल पर नहीं उतर पाई और पार्किंग स्थल नहीं बन सका. अतिक्रमण से जुड़ी जानकारी के अनुसार, शहर की सड़कों पर जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए नगर परिषद और जिला प्रशासन समय-समय पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाते हैं. हालांकि, इन अभियानों में अधिकतर छोटे दुकानदारों, ठेलेवालों और खोमचे वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है, जबकि बड़े प्रतिष्ठानों जैसे बैंक, होटल और बड़ी दुकानों को अक्सर अनदेखा कर दिया जाता है. ये प्रतिष्ठान प्रतिदिन हजारों से लेकर लाखों रुपये तक का व्यापार करते हैं, लेकिन इनके पास दो वाहनों के लिए भी पार्किंग की समुचित व्यवस्था नहीं होती. पार्किंग की सुविधा के अभाव में यहां आने-जाने वाले लोगों को अपने वाहन सड़क पर ही खड़े करने पड़ते हैं, जिससे जाम की स्थिति बनी रहती है. इसका खामियाजा आम जनता को उठाना पड़ता है. होटल, स्कूल, बैंक और होटल के सामने दिनभर सड़क पर वाहन खड़े रहते हैं, जिससे हमेशा जाम की समस्या बनी रहती है. वहीं बैंक के सामने और बगल में मौजूद अन्य दुकानों में भी यही हाल है, जहां ग्राहक अपने वाहन सीधे सड़क पर खड़े कर देते हैं. पटेल चौक से लेकर सब्जी मंडी मार्ग तक की स्थिति भी चिंताजनक है. इस मार्ग पर बैंक, होटल, मॉल स्थित हैं, जहां रोज सैकड़ों लोग आते हैं. लेकिन, इन प्रतिष्ठानों के पास भी पार्किंग की कोई सुविधा नहीं है. बैंक और मॉल के कर्मचारी भी अपनी बाइक सड़क पर ही खड़ी करते हैं. आम जनता भी सड़क पर वाहन पार्क करने को मजबूर है, जिससे इस क्षेत्र में भी हमेशा जाम की स्थिति बनी रहती है. सुचारु यातायात व्यवस्था में सभी के लिए नियम एक समान होने चाहिए. समस्या का स्थायी समाधान तभी संभव है, जब बड़े प्रतिष्ठानों को पार्किंग सुविधा विकसित करने के लिए बाध्य किया जाए और प्रशासन द्वारा सभी के साथ समान रूप से कार्रवाई की जाए. केवल छोटे दुकानदारों पर कार्रवाई कर समस्या का हल नहीं निकलेगा. यदि शहर को सुचारु यातायात व्यवस्था देनी है, तो सभी के लिए नियम एक समान होने चाहिए. पार्किंग सुविधा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दस स्थलों का चयन किया गया है. हाल ही में नगर परिषद द्वारा इन स्थानों के लिए डाक की प्रक्रिया पूरी की गई. इसमें इच्छुक व्यक्तियों ने बोली लगाकर डाक प्राप्त किया. हालांकि, पटेल चौक से सब्जी मंडी मॉल तक चयनित पार्किंग स्थल पर दुकानों के लगे होने के कारण वाहन चालकों को अपने वाहन पार्क करने में कठिनाई हो रही है. इस समस्या के समाधान के लिए नगर परिषद के सीटी मैनेजर और डाक के लेसी के नेतृत्व में कार्रवाई की गई. उन्होंने सभी दुकानदारों, विशेष रूप से मांस विक्रेताओं को समझाया कि वे अपनी दुकानें निर्धारित सरकारी हाट में स्थानांतरित करें. इसके साथ ही पार्किंग स्थल को व्यवस्थित करने के लिए बांस से बैरिकेडिंग कर दी गई. निर्धारित समय से पूर्व टूटने लगी रेलिंग, 15 लाख में हुआ था टेंडर नगर परिषद द्वारा शहर की जाम की समस्या के निदान के लिए शहर के कई स्थानों पर सड़क के किनारे पार्किंग स्थल बनाया गया और उसे स्टील के पाइप से घेरा बंदी भी कराई गई, जो करीब 15 लाख रुपये के टेंडर के माध्यम से कराया गया था, लेकिन निर्धारित समय से पूर्व ही पार्किंग स्थल पर लगे स्टील पाइप टूटने लगे हैं. विभागीय जानकारी के अनुसार, जुलाई 2024 में ठेकेदार द्वारा कार्य पूरा कर लिया गया था. एक साल तक इसका मेंटनेंस करने का आदेश मिला था, लेकिन यह महज कुछ ही महीनों में टूटने लगा. इस तरह की हालत पर लोग पार्किंग स्थल पर वाहन कैसे पार्क करेंगे और फिर इसका देखभाल कौन करेगा, यह सवाल उठ रहे हैं. वहीं दूसरी ओर, नगर परिषद द्वारा पार्किंग स्टैंड का टेंडर भी कर दिया गया है. अगर हालात यही रहे, तो टेंडर लेने वाला ठेकेदार भी सरेंडर कर सकता है और विभाग को राजस्व का नुकसान हो सकता है. नगर परिषद द्वारा उपलब्ध कराये गये स्थान की नहीं हो सकी सफाई नगर परिषद द्वारा फुटकर दुकानदारों, खासकर मछली मार्केट को बादशाह चौक के सामने नगर परिषद की जमीन पर मछली दुकान चलाने के लिए आवंटित किया गया था, जिसे नगर परिषद द्वारा साफ-सफाई और समतलीकरण कर दुकानदारों को सौंपने की बात थी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका. महीने गुजर गए और अब तक साफ-सफाई नहीं हो पाई है. फिर आखिर कैसे मछली दुकानदारों या अन्य दुकानदारों को नगर परिषद द्वारा उपलब्ध कराई गई जगह पर दुकानें स्थानांतरित की जा सकेंगी? इसलिए इस मामले को लेकर कई दुकानदारों ने विभाग द्वारा की गई कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं. क्या कहते हैं सिटी मैनेजर शहर में विभाग द्वारा बनाए गए पार्किंग स्थलों पर ही वाहन लगाने का निर्देश दिया गया है. इसके लिए विभाग टेंडर के माध्यम से व्यवस्था चलाने के लिए भी नियुक्त किया गया है. लेकिन ऐसा नहीं होने के मामले में विभाग गंभीर है. बहुत जल्द इस मामला का समाधान निकाला जा सकेगा. नगर परिषद द्वारा उपलब्ध कराये गये बादशाह चौक के सामने वाली परती जमीन की सफाई और समतलीकरण बहुत जल्द कर दिया जायेगा. वीरेश कुमार, सिटी मैनेजर नगर पालिका साहिबगंज

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Published by: Abdhesh singh

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