प्रतिनिधि, विकास जायसवाल : श्रावण मास की पूर्णिमा पर शुक्रवार को बरहरवा, बरहेट, कोटालपोखर और आसपास के क्षेत्रों में रक्षाबंधन का पर्व हर्षोल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ मनाया गया. सुबह से ही घर-घर में उत्सव का माहौल रहा. बहनों ने भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र बांधकर उनके दीर्घायु, सुख-समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना की. वहीं भाइयों ने भी बहनों की रक्षा और हर सुख-दुख में साथ निभाने का संकल्प दोहराया.
सजे पूजा के थाल, राखी से महकी भाइयों की कलाई
रक्षाबंधन को लेकर सुबह से ही घरों में विशेष चहल-पहल रही. बहनों ने पारंपरिक परिधान पहनकर पूजा की थाली सजायी. थाली में रोली, अक्षत, मिठाई और दीपक के साथ प्रेम और स्नेह की डोर राखी भी सजायी गयी.
शुभ मुहूर्त में बहनों ने सबसे पहले भाइयों के माथे पर तिलक लगाया और अक्षत लगाये. इसके बाद आरती उतारकर उनकी कलाई पर रक्षासूत्र बांधा. राखी बांधने के बाद भाइयों का मुंह मीठा कराया और उनके सफल व सुखी जीवन की कामना की.
भाइयों ने दिया साथ निभाने का वचन
राखी बंधवाने के बाद भाइयों ने भी बहनों को उपहार भेंट किये और जीवनभर उनकी रक्षा करने का संकल्प लिया. इस दौरान भाई-बहन के बीच प्रेम, स्नेह और अपनापन देखते ही बना. कई घरों में परिवार के सदस्यों ने एक साथ बैठकर रक्षाबंधन की खुशियां मनायीं.
पूरे क्षेत्र में राखी बांधने का सिलसिला चलता रहा. घरों से लेकर बाजारों तक त्योहार की रौनक देखने को मिली और भाई-बहन के रिश्ते की मिठास पूरे माहौल में घुली रही.
