राजमहल : रक्षाबंधन के अवसर पर राजमहल उपकारा में बंद भाइयों और उनकी बहनों के बीच भावुक पल देखने को मिले. जेल में बंद होने के कारण बहनें अपने भाइयों की कलाई पर घर की तरह राखी नहीं बांध पाईं. इसके बावजूद वे उपकारा पहुंचीं और भाइयों से मुलाकात कर उनके प्रति अपना स्नेह जताया.
भाइयों की सलामती और न्याय की मांगी दुआ
मुलाकात के दौरान बहनों ने भगवान से प्रार्थना की कि उनके भाइयों पर लगे आरोप जल्द दूर हों और उन्हें न्याय मिले. उन्होंने अपने भाइयों की सलामती तथा जल्द परिवार के बीच वापस लौटने की कामना की.
बहनों का कहना था कि रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का पर्व है. जेल की चारदीवारी के कारण इस बार वे अपने भाइयों की कलाई पर राखी नहीं बांध सकीं, लेकिन उनके दिल में भाइयों के लिए वही प्यार और दुआ है. उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि आने वाले समय में उनके भाई परिवार के साथ घर पर रक्षाबंधन का त्योहार मनाएं.
मुलाकात के दौरान भावुक हुए भाई-बहन
मुलाकात के दौरान कई बहनें भावुक नजर आईं. भाइयों ने भी बहनों को ढांढस बंधाते हुए जल्द सबकुछ ठीक होने की उम्मीद जताई. इस दौरान उपकारा का माहौल भाई-बहन के प्रेम और भावनाओं से भरा नजर आया.
जेल लेखपाल ने दी राखी को लेकर जानकारी
वहीं, जेल के लेखपाल प्रिंस कुमार ने बताया कि बहनों के द्वारा दी गई राखी उनके भाइयों को दे दी गई.
