आदिम जनजाति को हाट व बाजार में अब नहीं देनी होगी बट्टी : जिप अध्यक्ष

जिला परिषद की बोर्ड की बैठक में कई प्रस्ताव हुए पारित, लिए गये कई निर्णय

साहिबगंज. ग्रामीण क्षेत्र के हाटबाजार में आदिम जनजाति व एकल महिला अथवा पुरुष को टोकरी में सब्जी या घर से बनी सामग्री की बिक्री के ऊपर बट्टी नहीं ली जायेगी. यह बातें शनिवार को जिला परिषद कार्यालय भवन के सभागार में बैठक के दौरान जिला परिषद अध्यक्ष मोनिका किस्कू ने कहा है. बैठक में उप विकास आयुक्त सतीश चंद्र मौजूद थे. बैठक की शुरुआत में जिला परिषद बोर्ड के निविदा संख्या 7/24-25 को द्वारा हाटबाजार का बंदोबस्ती के शुल्क वसूली की दर में कटौती की गयी है. पूर्व में एक टोकरी की दर 10 रुपये थी, जिसे अब 5 रुपये की गयी है. छोटा दुकानदार 10 रुपये , माध्यम दुकानदार 15 रुपये और बड़े दुकानदार 20 रुपये की दर से शुल्क जमा करेंगे. मवेशी के संबंध में गाय, भैंस, बैल इत्यादि पर 150 रुपये का शुल्क लगेगा. बकरी, खस्सी, पाठा व भेंड़ पर 25 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है. मटन दुकान 50 रुपये प्रति दुकान व मछली व चिकन की दुकान 30 रुपये की दर प्रति दुकान सुनिश्चित की गयी है. उधर, जिला परिषद मार्केट कॉम्प्लेक्स साहिबगंज के कुल 40 दुकानदारों में से कुछ दुकानदारों का भाड़ा कई माह से बकाया रहने के कारण भाड़ा वसूली के लिए प्रशासनिक स्तर पर दुकानों के साथ वार्ता की गयी. इसके बाद भी अधिकतर दुकानदारों द्वारा भाड़ा जमा नहीं किया गया. बैठक के दौरान 10 दुकानों के विरुद्ध नीलाम-पत्र दायर करने का भी निर्णय लिया गया है. मंडरो के जिला परिषद द्वारा निर्मित डाक बंगला व राजमहल प्रखंड के अंतर्गत बाबूपुर में जिला परिषद के द्वारा विवाह भवन के नवनिर्मित भवन पर भी आय स्रोत विधि के संबंध में चर्चा की गयी. जिला परिषद द्वारा निर्मित बरहेट प्रखंड के अंतर्गत अड़गरा मैदान के पास 23 दुकानों की निविदा निकालने के पूर्व दुकान की दर निर्धारित करने के संबंध में भी चर्चा की गयी. जनसेवक सुनील कुमार दास के स्वेच्छा सेवानिवृत्ति आवेदन-पत्र पर सदर में चर्चा की गयी. बरहेट प्रखंड के हाट बाजार में अवस्थित कुछ दुकानों का भाड़ा अंचल अधिकारी बरहेट के द्वारा पूर्व में वसूली की जा रही थी, जबकि बाजार दुकानों का राजस्व की वसूली जिला परिषद द्वारा किया जाना है. इस संबंध में विस्तृत प्रतिवेदन अंचल अधिकारी बरहेट से मांग करने की भी चर्चा की गयी. बरहेट बाजार में दो शौचालय जो बंद हैं. इसे उपयोग करने के मामले में भी सदन में बातचीत की गयी. उपाध्यक्ष के लिए वहां क्रय जिला परिषद के आय स्रोत से किए जाने अथवा वाहन निर्वाचन की दर पर आउटसोर्सिंग के माध्यम से उपलब्ध कराने के संबंध में गहन बातचीत की गयी. जिला परिषद अध्यक्ष ने निर्देश जारी किया कि किसी भी हालत में कोई भी गांव में पानी की समस्या नहीं होनी चाहिए. लोगों को बताना होगा कि यह स्मार्ट मीटर आपके हितकारी है. इससे आपकी बिजली की समस्या बिजली बिल की समस्या त्वरित गति से निबटाया जा सकता है. वहीं क्षेत्र में जले ट्रांसफाॅर्मर की जगह नया ट्रांसफाॅर्मर लगाने की भी बात जिला परिषद सदस्यों ने प्राथमिकता पर उठे सदस्यों ने मांग की. शहरी क्षेत्र के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र में भी बिजली की अति आवश्यकता पड़ी है. खासकर ग्रामीण क्षेत्र और पहाड़ी क्षेत्रों में जले ट्रांसफाॅर्मर को बदल कर नये ट्रांसफाॅर्मर लगाया जाये. मौके पर डीडीसी सतीश चंद्रा, आइटीडीए निदेशक संजय कुमार दास, कार्यपालक पदाधिकारी अनिल कुमार, जिला अभियंता रामाकांत प्रसाद, जिला योजना पदाधिकारी के साथ-साथ जिला परिषद सदस्य मो बारीक शेख, रणधीर सिंह आदि मौजूद थे.

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Published by: Abdhesh singh

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