कोर्ट की सुरक्षा बढ़ायी, परिसर की ली गयी सघन तलाशी

साहिबगंज व्यवहार न्यायालय को सोमवार सुबह बम धमकी से भरा ई-मेल मिला, जिससे कोट परिसर में तनाव फैल गया। अदालत की कड़ी जांच और सुरक्षा के बीच धमकी अफवाह साबित हुई। डीएसपी विजय कुमार कुशवाहा समेत पुलिस टीम घटना स्थल पर पहुंची और संदिग्ध वस्तुओं की सघन जांच की। इससे पहले 26 मार्च को भी ऐसी ही धमकी आई थी, जिस पर दिल्ली पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया था। पुलिस अब ई-मेल भेजने वाले की पहचान करने में जुटी है और पूरे जिले में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। पुलिस मामले को गंभीर और सुनियोजित मानते हुए हर तरह की जांच कर रही है और न्यायालय परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

साहिबगंज व्यवहार न्यायालय को फिर मिली बम धमकी पुलिस तकनीकी टीम ई-मेल भेजने वाले की पहचान में जुटी पहले भी 26 मार्च को मिली थी धमकी प्रतिनिधि, साहिबगंज. व्यवहार न्यायालय को सोमवार सुबह फिर से बम से उड़ाने की धमकी मिली. धमकी भरा ई-मेल न्यायालय के ऑफिशियल मेल आईडी पर सुबह 8 बजे आया. इसके बाद पूरे कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अखिल कुमार ने न्यायालय कक्षों की गहन जांच करवाई और आने वाले लोगों के सामान की जांच के लिए कर्मियों को आवश्यक निर्देश दिए. पुलिस प्रशासन ने डीएसपी साहिबगंज के नेतृत्व में अधिवक्ता भवन और न्यायालय परिसर के कोने-कोने की जांच की. जांच में बम की बात अफवाह निकली. सुरक्षा व्यवस्था सख्त, आने-जाने वालों की सघन तलाशी सूचना मिलते ही डीएसपी विजय कुमार कुशवाहा, नगर इंस्पेक्टर अमित कुमार गुप्ता, जिरवाबाड़ी थाना प्रभारी शशी सिंह, मेजर रोहित दुबे और दंडाधिकारी चन्द्रशेखर शर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. एहतियातन सभी न्यायिक पदाधिकारी, अधिवक्ता और कर्मियों को बाहर निकालकर पूरे परिसर की सघन तलाशी ली गई. आधुनिक उपकरणों से संदिग्ध वस्तुओं की पहचान की गई. पुलिस की जांच और कार्रवाई एसपी अमित कुमार सिंह ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरे जिले में सुरक्षा बढ़ा दी गयी है. राजमहल अनुमंडल न्यायालय की सुरक्षा भी कड़ी कर दी गई है. पुलिस तकनीकी टीम ई-मेल भेजने वाले की पहचान और लोकेशन ट्रेस करने में जुटी है. पहले भी मिल चुकी धमकी गौरतलब है कि 26 मार्च को भी इसी प्रकार का धमकी भरा मेल मिला था. उस समय दुमका से डॉग स्क्वायड और रांची से बम निरोधक दस्ता बुलाया गया था. जांच में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली थी. इस मामले में कांड संख्या 44/26 दर्ज किया गया था और एक आरोपी को दिल्ली पुलिस ने मैसूर से गिरफ्तार किया था. अब दोबारा धमकी मिलने से पुलिस इसे गंभीर और सुनियोजित प्रयास मान रही है. क्या कहते हैं डीएसपी न्यायालय परिसर को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल दूसरी बार न्यायालय के ऑफिशियल मेल पर प्राप्त हुआ है. उन्होंने कहा कि पिछली बार भी इसी मेल आईडी से धमकी दी गई थी. मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस कई बिंदुओं पर जांच अभियान चला रही है और न्यायालय की सुरक्षा बढ़ा दी गयी है. उन्होंने कहा कि अब तक की जांच में किसी प्रकार की कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है, लेकिन पुलिस पूरी सतर्कता के साथ हर पहलू पर जांच कर रही है. विजय कुमार कुशवाहा, हेडक्वार्टर डीएसपी

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By SUNIL THAKUR

SUNIL THAKUR is a contributor at Prabhat Khabar.

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