प्रतिनिधि, मंगलहाट. राजमहल प्रखंड के प्रो. योगीचक जयरामपुर उच्च विद्यालय सरकंडा में शनिवार को शिक्षक दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर पुष्प अर्पित कर व दीप प्रज्वलित करने के साथ हुई. इसके बाद केक काटकर शिक्षक दिवस मनाया गया. छात्र-छात्राओं ने विद्यालय के शिक्षकों को बारी-बारी से अंग वस्त्र व उपहार देकर सम्मानित किया. वहीं अभिभावकों और क्षेत्र के गणमान्य लोगों को भी अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया.
नुक्कड़ नाटक से शिक्षा और दहेज प्रथा का संदेश
कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने शिक्षा के महत्व और दहेज प्रथा के खिलाफ नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया. अपनी कला के माध्यम से विद्यार्थियों ने समाज में जागरूकता का संदेश दिया. नाटक के जरिए अभिभावकों और उपस्थित दर्शकों को दहेज जैसी सामाजिक कुरीति से दूर रहने तथा बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की अपील की गयी.
भक्ति गीतों पर छात्राओं ने बिखेरा हुनर
सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने भक्ति व धार्मिक गीतों पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया. उनकी प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया. कलाकारों का उत्साह बढ़ाने के लिए दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका हौसला बढ़ाया. विद्यालय परिसर में पूरे कार्यक्रम के दौरान उत्साह का माहौल बना रहा.
शिक्षकों ने बतायी राधाकृष्णन की जीवनी
कार्यक्रम के बीच विद्यालय के शिक्षकों ने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जीवनी और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान पर प्रकाश डाला. उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षक दिवस के महत्व से अवगत कराते हुए शिक्षा के प्रति गंभीर रहने और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी.
विजेता प्रतिभागी हुए पुरस्कृत
कार्यक्रम के समापन से पूर्व विभिन्न प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को विद्यालय परिवार की ओर से पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया. मौके पर सुजित चौरसिया, लक्षण मंडल, बरून चौरसिया, रुपेश चौरसिया, संजय यादव, धनपत रंजक, गणेश पांड़े, विनय मिश्रा, सागर साह सहित अन्य शिक्षक, छात्र-छात्राएं और अभिभावक मौजूद रहे.
मंगलहाट के अन्य स्कूलों में भी रही धूम
मंगलहाट के विभिन्न सरकारी और गैर सरकारी विद्यालयों में भी शिक्षक दिवस धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. उत्क्रमित प्लस टू उच्च विद्यालय मंगलहाट के अलावा सैदपुर, कस्बा, घाटजमनी और मोकीमपुर समेत अन्य विद्यालयों में भी शिक्षकों के सम्मान में कार्यक्रम आयोजित किये गये.
