राजमहल क्षेत्र में भीषण गर्मी में लगातार हो रही बिजली बाधित

क्षेत्र के लोग परेशान

राजमहल/तीनपहाड़/उधवा. विगत चार दिनों से राजमहल, तीनपहाड़ व उधवा के आसपास के क्षेत्र में भीषण गर्मी से लोग परेशान हैं. कड़ाके की धूप ने भी लोगों को घर से निकलना मुश्किल किया है. ऐसे में लोग घर में रहना बेहतर समझ रहे हैं. लेकिन इस भीषण गर्मी में बिजली भी साथ नहीं दे रही है ताकि लोग घर में भी सुकून से रह सकें. इन दिनों बिजली की आंखमिचौली से भी लोग परेशान हैं. कट-कट कर बिजली मिलती है. ज्ञात हो कि विद्युत शक्ति उप केंद्र तीनपहाड़ से राजमहल, बभनगामा, बोरियो, तालझारी, बाकुड़ी और तीनपहाड़ मिलाकर छह फीडर को बिजली आपूर्ति की जाती है. इसमें बिजली कर्मी के अनुसार लगभग छह मेगावाट बिजली की खपत है. अगर ग्रिड से विद्युत शक्ति उपकेंद्र तीनपहाड़ को छह मेगावाट बिजली मिलती है तो सभी फीडरों को बिना कट के पर्याप्त बिजली आपूर्ति हो पाएगी. लेकिन ग्रिड से तीनपहाड़ विद्युत शक्ति उपकेंद्र को मात्र तीन मेगावाट बिजली मिल रही है, जिससे सभी फीडरों को पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही है. सभी फीडरों को रोटेशन के अनुसार बिजली दी जा रही है, जिस कारण काट-काट कर बिजली सप्लाई हो रही है. इससे लोगों को इस भीषण गर्मी में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इतना ही नहीं बिजली कम मिलने से बच्चों को पढ़ाई करने में भी बाधा उत्पन्न हो रही है. यह भी बड़ी परेशानी का कारण बन रहा है. ——- कब-कब कितनी मिली बिजली : विद्युत शक्ति उपकेंद्र तीनपहाड़ को बीते 18 अप्रैल को 3 मेगावाट बिजली मिली थी. वहीं 19 अप्रैल को भी 3 मेगावाट, 20 अप्रैल को भी 3 मेगावाट, 21 अप्रैल को फुल लोड बिजली, 22 अप्रैल को 3 मेगावाट और 23 अप्रैल को दिन के 3 बजे तक फुल लोड बिजली मिली थी. उमस भरी गर्मी में तीन दिनों से गर्मी के कारण लोग परेशान हैं. वहीं बिजली की आंखमिचौली का खेल चल रहा है, जिससे लोगों को काफी असुविधा और परेशानी हो रही है. बिजली नहीं रहने के कारण इलेक्ट्रॉनिक सामान का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं. मोटर से टंकी में पानी नहीं भर पा रहा है. गर्मी के मौसम में लोगों को पानी की खपत ज्यादा होती है. मोबाइल चार्ज नहीं हो रहा है. पंखा, कूलर, एसी, बिजली नहीं रहने के कारण शोभा की वस्तु बन गयी है. शाम के समय बच्चों की पढ़ाई नहीं हो पा रही है. बिजली विभाग के जेई चंदन कुमार ने बताया कि पहले बिजली मैथन पावर ग्रिड से मंगलहाट आती थी. मंगलहाट से राजमहल लेकिन कुछ दिनों से मैथन पावर ग्रिड में खराबी आने के कारण अब तत्कालीन कहलगांव पावर ग्रिड से बिजली सप्लाई की जा रही है. साहिबगंज, मंगलहाट, राजमहल में इसके कारण बिजली फुल मेगावाट नहीं मिल रही है. राजमहल क्षेत्र के लिए 30 से 35 मेगावाट की आवश्यकता है. अभी तत्कालीन 15 से 16 मेगावाट बिजली मिल रही है. हालांकि मैथन पावर ग्रिड में काम चल रहा है. बहुत जल्द बिजली आपूर्ति में सुधार हो जाएगा.

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Published by: Abdhesh singh

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