बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य व सिंचाई की नहीं है अच्छी सुविधाएं

जमालपुर गांव के लोगों ने रखी अपनी समस्याएं, आदिवासी बहुल गांव जमालपुर सरकारी योजनाओं से है कोसों दूर

मंगलहाट. महासिंहपुर पंचायत अंतर्गत जमालपुर गांव में शुक्रवार को प्रभात खबर आपके द्वार कार्यक्रम का आयोजन किया गया. आदिवासी बहुल क्षेत्र में बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा, स्वस्थ, सिंचाई आदि की समस्याओं पर चर्चा की गयी. इस गांव में कई बुनियादी सुविधाओं का अभाव स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है. ग्रामीणों ने बताया कि इस गांव में लगभग 180 परिवार है. लगभग एक हजार से अधिक आबादी में मात्र छह चापाकल व दो जलमीनार है, जिसमें से तीन चापाकल व जलमीनार अधूरी पड़ी हुई है. बाकी अन्य चापाकल सुचारू रूप से नहीं चल पा रहा हैं. जलमीनार से हर घर जल नल योजना से कई परिवार वंचित है. गांव में बरसात के मौसम में नाले की समस्या वर्षों से बनी हुई है, लेकिन अब तक इसका पूर्ण समाधान नहीं किया गया है. बिजली तार व खंभा की स्थिति दयनीय है. हमेशा गांव में जर्जर तार व खंभा के कारण खतरा मंडराते रहते हैं. हल्की-फुल्की हवा चलने के कारण तार में सर्किट हो जाने से कहां और किस व्यक्ति के ऊपर गिर जाए इसका कोई अता-पता नहीं है. इस कारण से गांव को बिजली भी लो वोल्टेज की मार झेलनी पड़ती है. तार व खंभा को बदलने की मांग कई बार उठ चुकी है. परंतु इस पर कोई पहल नहीं हुआ है. शिक्षा व्यवस्था की भी दयनीय स्थिति बनी हुई है, क्योंकि तीन शिक्षकों के भरोसे प्रथम से लेकर अष्टम वर्ग तक पठन-पाठन का कार्य हो रहा है. शिक्षकों की कमी पठन-पाठन करने वाले छात्राओं को झेलनी पड़ रहा है. आंगनबाड़ी केंद्र भवन की स्थिति बहुत ही जर्जर है. गांव पहुंचने के लिए सड़क नहीं है. बारिश के मौसम में सड़क कीचड़मय हो जाती है. स्वास्थ्य के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं दिखाई पड़ती है. जन वितरण प्रणाली की दुकान बंद हुए 2 वर्ष बीत गये लेकिन कार्डधारियों को सही तरीके से राशन का लाभ नहीं मिल पा रहा है. क्योंकि कार्डधारियों को खुद पता नहीं कि उनको राशन किस दुकानदार से प्राप्त होगा. इसलिए कार्डधारी दर बदर भटक रहे हैं. ग्रामीणों ने प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से इन सभी समस्याओं पर ध्यान देने और समाधान के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की है. कहा कि जल निकासी, पेयजल समस्या, शिक्षा व्यवस्था, बिजली, सड़क, सिंचाई पर पहल करने की अति आवश्यकता है. इस क्षेत्र के निवासियों को बड़ी राहत मिल सकती है. कार्यक्रम के माध्यम से प्रभात खबर ने स्थानीय मुद्दों को उजागर करते हुए प्रशासन और जनप्रतिनिधियों तक जनता की आवाज पहुंचाने का प्रयास किया है.

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