वक्फ बिल संशोधन समाज को तोड़ने की साजिश : विधायक

– वक्फ अधिनियम के विरोध में सम्मेलन सह महाधरना

राजमहल. केंद्र की सरकार वक्फ बिल संशोधन अधिनियम 2025 के माध्यम से समाज को तोड़ने का कार्य कर रही है. किसी भी जमीन पर राज्य सरकार का अधिकार होता है लेकिन राज्य सरकार से कोई मंतव्य नहीं लिया गया. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड मुक्ति मोर्चा के दो दिवसीय अधिवेशन में राजनीतिक प्रस्ताव के तहत वक्फ बिल का विरोध किया है. उपरोक्त बातें क्षेत्रीय विधायक मो ताजुद्दीन उर्फ एमटी राजा ने शनिवार को राजमहल चरवाहा मैदान में झारखंड समाज सेवा संगठन के माध्यम से वक्फ बिल संशोधन अधिनियम 2025 के विरोध में आयोजित महाधरना सह सम्मेलन में कही. विधायक ने कहा कि सभी धर्म के लोग अपने-अपने धर्म के प्रति निष्ठा रखते हैं. केंद्र सरकार के इस काला कानून का अन्य समुदाय के लोग भी विरोध कर रहे हैं. कार्यक्रम में आए मुफ्ती रजाउल हक, मुफ्ती मंजूर, मौलाना मुफ्ती सद्दाम कासमी, अब्दुल बारीक शेख, मो केताबुद्दीन, राजद जिलाध्यक्ष सत्यनारायण यादव, कांग्रेस नेता देवेंद्र ठाकुर सहित अन्य ने भी वक्फ बिल संशोधन पर अपनी बातों को मजबूती से रखा. कहा कि केंद्र की सरकार अंग्रेजी हुकूमत की तरह फूट डालो और राज करो की तर्ज पर चल रही है, जो गलत है. समाज के आपसी भाईचारे को राजनीतिकरण में खत्म करने का प्रयास कर रही है, जो समाज के लिए घातक है. इसके लिए सभी समुदाय के लोगों को जागरूक होने की आवश्यकता है. कहा कि वक्फ की जमीन उसे पूर्वजों द्वारा अपने निजी जमीन संपत्ति को इस्लामी परंपरा के अनुसार दान कर स्थापित किया गया था. इसमें मस्जिद, मदरसा, ईदगाह, कब्रिस्तान, मजार, खानकाह, मकबरा, मुसाफिरखाना, खेत-खलिहान आदि शामिल हैं. बहुत-सी जमीन है. राजा-महाराजा, नवाब, जमींदार द्वारा भी मौखिक और सादे कागजात पर वक्फ को धार्मिक कार्यों के उपयोग के लिए दान किया गया है. संशोधन बिल में गैर मुसलमानों को भी सदस्य बनाने का प्रस्ताव लिया गया है, जो पूरी तरह गलत है. अल्पसंख्यक समाज के अधिकारों का हनन किया जा रहा है. कार्यक्रम का मंच संचालन संगठन के संरक्षक मौलाना फारुख हुसैन शम्सी ने किया. सभी ने एक स्वर में नारा लगाते हुए संशोधन बिल को वापस लेने और काला कानून बताते हुए नारेबाजी की. चिलचि���ाती धूप में भी लोग कार्यक्रम में अपनी बातों को रखने के लिए डटे रहे. इधर, विधायक मो ताजुद्दीन उर्फ एमटी राजा के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल ने प्रभारी एसडीओ विमल सोरेन को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा. कार्यक्रम में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त पुलिस बलों की भी तैनाती की गयी थी. मौके पर प्रभारी एसडीओ विमल सोरेन, एसडीपीओ विमलेश त्रिपाठी, बरहरवा एसडीपीओ नितिन खंडेलवाल, सीओ मो यूसुफ, राजमहल प्रभारी थाना प्रभारी बिट्टू कुमार, तालझारी थाना प्रभारी नितेश पांडे, राधानगर थाना प्रभारी अमर मिंज, सब इंस्पेक्टर ओम प्रकाश सहित अन्य मौजूद थे.

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Published by: Abdhesh singh

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