बोरियो : थाना क्षेत्र में इन दिनों अवैध रूप से अंग्रेजी शराब की बिक्री का कारोबार चरम पर है. लाइसेंसी दुकानों के अलावा बोरियो बाजार, हाटपाड़ा रोड, मोतिपहाड़ी, सोसोटोला, चांदनीचौक, डुमरिया, तेलो, बांझी बाजार के ढाबा, चाय दुकान, किराना दुकान और घरों से अंग्रेजी शराब बेचे जाने की बात सामने आ रही है. सूत्रों के अनुसार लाइसेंसी दुकानें बंद होने के बाद अवैध रूप से शराब बेचने वाले सक्रिय हो जाते हैं और इन अड्डों पर शराबियों की भीड़ लग जाती है.
महंगे दाम पर बिक्री
स्थानीय लोगों के अनुसार बोरियो में दो अनुज्ञप्ति प्राप्त शराब दुकानें संचालित हैं. आरोप है कि अवैध कारोबारी अनुज्ञप्ति प्राप्त दुकानों के कर्मियों से साठगांठ कर अंग्रेजी शराब की 180, 375 और 750 एमएल की विभिन्न ब्रांडों की पेटियां स्टॉक कर लेते हैं. देर रात दुकानें बंद होने के बाद ब्रांडेड बोतलों को तय दर से 50 से 100 रुपये अधिक कीमत पर बेचे जाने की बात कही जा रही है. कई जगहों पर नकली शराब को असली बोतलों में भरकर बेचने की शिकायत भी मिल रही है.
नकली शराब की शिकायत
स्थानीय लोगों का कहना है कि शराब की अवैध बिक्री निर्धारित समय 11 बजे के बाद भी देर रात तक जारी रहती है. लाइसेंसी दुकानें बंद होने के बाद यही अवैध अड्डे सक्रिय हो जाते हैं.
युवाओं पर बढ़ता असर
ग्रामीणों के अनुसार गांव-गांव में आसानी से शराब उपलब्ध होने से युवाओं में नशे की लत बढ़ रही है. उनका कहना है कि शराब के कारण चोरी, मारपीट और घरेलू हिंसा की घटनाएं भी बढ़ी हैं. कई महिला समूहों ने इस पर रोक लगाने की मांग की है. नाम नहीं छापने की शर्त पर एक ग्रामीण ने आरोप लगाया कि प्रशासन को अवैध शराब बिक्री की जानकारी है, लेकिन कार्रवाई नहीं की जा रही है.
राजस्व का नुकसान
अवैध शराब कारोबारियों पर बिना लाइसेंस शराब बेचने के साथ सरकार को राजस्व का नुकसान पहुंचाने का भी आरोप है. ग्रामीणों का कहना है कि 200 रुपये वाली बोतल 250 से 300 रुपये में बेची जा रही है. कई जगहों पर हरियाणा और बंगाल मार्का की सस्ती शराब को ब्रांडेड बोतलों में भरकर बेचने की शिकायत भी है. इससे लोगों की सेहत पर खतरा होने की आशंका जताई जा रही है.
आबकारी विभाग का बयान
ढाबों पर लंबी दूरी के ट्रक ड्राइवर, पिकअप चालक और स्थानीय युवा शराब खरीदने वालों में शामिल बताए जाते हैं. आरोप है कि रात 11 बजे के बाद लाइसेंसी शराब दुकानें बंद होने पर ढाबों से शराब लेकर लोग वहीं पीते हैं. कई ढाबों पर खाने के साथ शराब भी उपलब्ध कराने की बात कही जा रही है. ग्रामीणों के अनुसार एक क्वार्टर पर 20 से 30 रुपये अतिरिक्त लेकर गिलास और पानी भी उपलब्ध कराया जाता है.
इस संबंध में आबकारी अधीक्षक आशुतोष कुमार ने बताया कि अवैध शराब बिकने की सूचना नहीं है. यदि नियमों को ताक पर रखकर अवैध शराब की बिक्री हो रही है तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
