प्रतिनिधि, बरहेट : झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर प्रखंड के कुसमा पंचायत के विभिन्न गांवों में एमएमडीआर संशोधन कानून के खिलाफ जनजागरण अभियान चलाया गया. कार्यक्रम का नेतृत्व मुखिया सह झामुमो युवा मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष बल्लू सोरेन ने किया.
19 सितंबर के धरने में शामिल होने की अपील
अभियान के तहत झामुमो कार्यकर्ताओं ने गांव-गांव जाकर लोगों को संशोधित कानून के दुष्परिणामों के बारे में जानकारी दी. साथ ही 19 सितंबर को बरहेट प्रखंड मुख्यालय में आयोजित झामुमो के एक दिवसीय धरना कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए ग्रामीणों से बढ़-चढ़कर शामिल होने की अपील की.
राजस्व और योजनाओं का उठाया मुद्दा
ग्रामीणों को संबोधित करते हुए झामुमो नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार के इस संशोधित कानून से राज्य के राजस्व पर भारी असर पड़ेगा. पार्टी नेताओं के अनुसार, यदि राजस्व में कमी आती है, तो हेमंत सोरेन सरकार द्वारा चलायी जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं, जैसे मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना, अबुआ आवास योजना, सर्वजन पेंशन योजना और बिजली बिल माफी योजना के सुचारू संचालन में बाधा उत्पन्न हो सकती है.
जल, जंगल, जमीन की रक्षा का आह्वान
झामुमो कार्यकर्ताओं ने कहा कि जल, जंगल और जमीन की रक्षा के साथ-साथ जनहित की योजनाओं को बचाने के लिए लोगों का एकजुट होना जरूरी है. कुसमा पंचायत के अलग-अलग टोलों और गांवों में हुई बैठकों में ग्रामीण उपस्थित रहे. उन्होंने 19 सितंबर को प्रखंड मुख्यालय में आयोजित झामुमो के धरने में पहुंचने की बात कही.
ये रहे मौजूद
मौके पर सुनीराम हसदा, पंचायत अध्यक्ष टोनल किस्कू, सचिव होपना सोरेन, राकेश साह, रिंकू साह, बैजू यादव सहित अन्य मौजूद थे.
