राज्य सरकार जमीन दे, रेलवे आरओबी बनाने को तैयार : जीएम

हावड़ा जोन के जीएम मिलिंद देउस्कर पहुंचे साहिबगंज, प्रेस वार्ता की

साहिबगंज. ईस्टर्न रेलवे कोलकाता के जीएम मिलिंद देउस्कर शनिवार को साहिबगंज पहुंचे. यहां डीएमयू मेंटेनेंस शेड के विस्तारीकरण को लेकर निरीक्षण किया. इसके बाद उन्होंने प्रेस वार्ता की. श्री देउस्कर ने कहा कि साहिबगंज में रेल सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया जा रहा है. जीएम ने कहा कि साहिबगंज में रेल सुविधा और बेहतर बनाने तथा यात्रियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना मुख्य उद्देश्य है. साहिबगंज के लोगों की मांग है कि अधिक से अधिक ट्रेनें चलायी जायें. इसी को ध्यान में रखते हुए डीएमयू मेंटेनेंस शेड में पिट लाइन बढ़ाने को लेकर सर्वे रिपोर्ट तैयार की जा रही है. रेलवे की जमीन पर 20 से 22 डिब्बों वाले मेंटेनेंस शेड के निर्माण के लिए सर्वेक्षण किया जा रहा है. पश्चिम रेलवे आरओबी (रेलवे ओवर ब्रिज) का प्रस्ताव बोर्ड को भेजा गया है. रेलवे अपने संसाधनों से कार्य करने को तैयार है, लेकिन राज्य सरकार की ओर से भूमि संबंधित समस्याएं आ रही हैं. यदि सहयोग मिलेगा, तो रेलवे खर्च करने को तैयार है. ट्रेनों के संचालन को बढ़ाने के लिए रेलवे लगातार प्रयासरत है. रेलवे सुरक्षा को प्राथमिकता देती है. ट्रैक के रख-रखाव के लिए कॉरिडोर ब्लॉक बनाये गये हैं. तीसरी और चौथी लाइन के लिए सर्वेक्षण चल रहा है. जब तक अतिरिक्त ट्रैक नहीं बनते, तब तक ट्रेनों की संख्या नहीं बढ़ सकती. साहिबगंज-भागलपुर के बीच दोपहर के समय ट्रेनों की कमी है, इस पर भी काम किया जायेगा. कोलकाता की तर्ज पर साहिबगंज में तीसरी और चौथी रेल लाइन का प्रयास, एफएलएस कार्य शुरू देश की सबसे पुरानी रेल लाइन, जो मुंबई के ठाणे से खाना जंक्शन तक 1863 में अंग्रेजों द्वारा बिछाई गयी थी, वह रेल लाइन किऊल और भागलपुर के रास्ते साहिबगंज-बारहरवा होते हुए पश्चिम बंगाल के खाना जंक्शन स्टेशन तक जाती थी. वहीं से हावड़ा को जोड़ती थी. अब इस ऐतिहासिक रेल लाइन का विस्तारीकरण किया जा रहा है, जो इस क्षेत्र के लोगों के लिए एक बड़ी सौगात होगी. उन्होंने कहा कि साहिबगंज होकर तीसरी और चौथी रेल लाइन भी गुजरेगी. इसके लिए एफएलएस (फाइनल लोकेशन सर्वे) कार्य शुरू कर दिया गया है और यह काफी हद तक पूर्ण भी हो चुका है. इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए जनता, जिला प्रशासन और राज्य सरकार का सहयोग अत्यंत आवश्यक है. उन्होंने कहा कि कोलकाता की तर्ज पर साहिबगंज में भी चार लाइन वाला कॉरिडोर बनाया जायेगा, जिससे ट्रेनों का संचालन सरल होगा. डीएमयू मेंटेनेंस शेड के विस्तारीकरण में भूमि की आवश्यकता डीएमयू मेंटेनेंस शेड के विस्तारीकरण के लिए सर्वे पूरा हो चुका है. हालांकि जमीन उपलब्ध है, लेकिन वह समतल और सीधी नहीं है. इसलिए रेलवे ने केंद्रीय शिक्षा विभाग से नवोदय विद्यालय की भूमि की मांग की है, जो मिलने की उम्मीद है. साथ ही झरना कॉलोनी के कुछ रेलवे क्वार्टर भी हटाये जा सकते हैं. तभी डीएमयू शेड को अपग्रेड किया जा सकेगा, जो भविष्य में इएमयू में परिवर्तित हो जायेगा. इसके लिए रेलवे ने 68 करोड़ रुपये का टेंडर भी जारी कर दिया है. कार्य बहुत जल्द शुरू होगा. पश्चिम रेलवे फाटक पर बनेगा ओवरब्रिज साहिबगंज के पश्चिमी रेलवे फाटक (क्रॉसिंग गेट संख्या 86) पर ओवरब्रिज निर्माण को लेकर महाप्रबंधक ने कहा कि इस गेट पर ब्रिज अवश्य बनना चाहिए. पूर्व में भी इसके लिए प्रयास किये गये हैं, लेकिन जनता व राज्य सरकार से समुचित सहयोग नहीं मिला. यदि रेलवे को भूमि और अनापत्ति प्रमाणपत्र मिल जाये, तो रेलवे बोर्ड इस पर खर्च कर���े को तैयार है. स्टेशन के सामने सड़क चौड़ी होगी साहिबगंज रेलवे स्टेशन के सामने की सड़क बहुत संकरी है. जीएम ने कहा कि पहले जिला प्रशासन को रेलवे स्टेशन के सामने की सड़क चौड़ी करनी चाहिए, तभी रेलवे भी अन्य कार्य कर सकेगा. उन्होंने कहा कि यदि जिला प्रशासन प्रस्ताव तैयार करता है, तो रेलवे अपनी जमीन देने के लिए तैयार है. निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक ने साहिबगंज रेलवे स्टेशन पर मिनी दमकल का उद्घाटन किया. बताया गया कि किसी भी घटना की सूचना मिलने पर यह मिनी दमकल तत्काल घटना स्थल पर पहुंचेगी. इसके लिए 24×7 कर्मचारी तैनात रहेंगे. —

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Published by: Abdhesh singh

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