साहिबगंज से इमरान की रिपोर्ट
साहिबगंज : साहिबगंज में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. बुधवार को गंगा का जलस्तर 27.59 सेमी रहा, जबकि गुरुवार सुबह छह बजे इसके बढ़कर 27.85 सेमी होने का अनुमान है. जलस्तर बढ़ने का असर अब शहरी इलाकों में भी साफ दिखने लगा है. गंगा किनारे और निचले इलाकों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है. कई जगहों पर घरों के आसपास और आंगन तक पानी पहुंचने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है.
घर-आंगन तक पहुंचा पानी, बीमारी का भी डर
पानी के साथ गंदगी और दुर्गंध फैलने से लोगों को बीमारियों का डर सताने लगा है. हबीबपुर, हरिपुर, अलीनगर, कमल टोला, भारतीय कॉलोनी, रसूलपुर और दहला सहित गंगा तट से सटे एवं निचले इलाके हर वर्ष बाढ़ से प्रभावित होते हैं. लोगों का कहना है कि जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है.
बाढ़ बढ़ी तो बिजली आपूर्ति हो सकती है प्रभावित
बाढ़ का पानी और बढ़ने पर शहर के बड़े हिस्से की बिजली व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है. विद्युत आपूर्ति से जुड़े क्षेत्रों में पानी पहुंचने पर सुरक्षा कारणों से बिजली काटनी पड़ सकती है. ऐसे में करीब 30 हजार की आबादी के सामने लंबे समय तक बिजली संकट की स्थिति उत्पन्न हो सकती है.
स्थानीय लोगों अमित सिंह और अब्दुल सुभान का कहना है कि प्रभावित इलाकों में वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर कई बार विद्युत विभाग से मांग की गई, लेकिन अब तक पर्याप्त इंतजाम नहीं हो पाया है. शहर के कई हिस्सों में सोलर लाइट लगाई गई है, लेकिन बाढ़ प्रभावित होने वाले जरूरतमंद इलाकों में पर्याप्त सोलर लाइट नहीं लग सकी है.
हर साल सरकारी भवनों में लेते हैं शरण
गंगा किनारे बसे मोहल्लों के लोगों के लिए बाढ़ कोई नई समस्या नहीं है. प्रत्येक वर्ष जलस्तर बढ़ने पर हबीबपुर, हरिपुर, अलीनगर, कमल टोला, भारतीय कॉलोनी, रसूलपुर और दहला समेत आसपास के इलाकों में पानी पहुंच जाता है. कई परिवारों को घर छोड़कर सरकारी भवनों या ऊंचे स्थानों पर शरण लेनी पड़ती है. लोगों का कहना है कि बाढ़ से निपटने के लिए स्थायी व्यवस्था नहीं होने के कारण हर साल यही समस्या दोहराती है.
ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्र प्रभावित
सदर प्रखंड के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्र बाढ़ से प्रभावित हो रहे हैं. प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर अधिकारी और कर्मचारी लगातार काम कर रहे हैं. जहां शहरी क्षेत्र में बाढ़ का पानी प्रवेश कर रहा है, वहीं ग्रामीण क्षेत्र का बड़ा हिस्सा पहले से ही बाढ़ की चपेट में है. प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के साथ पशुधन को सुरक्षित रखने के लिए भी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं.
जलस्तर पर प्रशासन की नजर
प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की जा रही है कि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में किसी तरह का जोखिम न लें और समय रहते परिवार तथा मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाएं. गंगा के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है और स्थिति के अनुसार राहत एवं बचाव की व्यवस्था को आगे बढ़ाया जा रहा है.
