उधवा : गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर ने उधवा प्रखंड के दियारा क्षेत्रों में जनजीवन के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था को भी प्रभावित करना शुरू कर दिया है. बाढ़ का पानी प्रखंड के एक दर्जन से अधिक सरकारी विद्यालयों के परिसर और भवनों में प्रवेश कर चुका है. ऐसे में विद्यालयों में बच्चों की नियमित पढ़ाई प्रभावित हो गई है. कई जगह विद्यालय परिसर जलमग्न होने के कारण बच्चों और शिक्षकों के लिए विद्यालय तक पहुंचना भी मुश्किल हो गया है.
दो दिनों का अवकाश घोषित
हालांकि उपायुक्त साहिबगंज ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के विद्यालयों में दो दिनों तक अवकाश घोषित किया है. विभागीय जानकारी के अनुसार कई विद्यालयों में बाढ़ का पानी घुस गया है, तो कई विद्यालयों तक पहुंचने के लिए आवागमन बाधित हो गया है.
दो स्कूलों में वैकल्पिक व्यवस्था
यूपीएस आकुनबन्ना को आसपास के सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया है. वहीं यूपीएस साहेबनगर में बच्चों की पढ़ाई मंदिर परिसर में संचालित की जा रही है. इस वैकल्पिक व्यवस्था का उद्देश्य यह है कि बाढ़ के कारण विद्यालय भवन प्रभावित होने के बावजूद बच्चों की शिक्षा पूरी तरह बंद न हो.
जलस्तर बढ़ा तो बढ़ेगी परेशानी
यदि जलस्तर में और वृद्धि होती है तो अन्य विद्यालय भी प्रभावित हो सकते हैं. इससे बड़ी संख्या में बच्चों की नियमित पढ़ाई प्रभावित होने की संभावना है. बाढ़ प्रभावित इलाकों के अभिभावकों के लिए भी बच्चों को स्कूल भेजना चुनौती बन गया है. जलजमाव और आवागमन की समस्या के बीच छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में चिंता बनी हुई है.
ये विद्यालय बाढ़ की चपेट में
यूपीएस आकुनबन्ना, यूपीएस लुत्फुल टोला आकुनबन्ना, यूएमएस कादिर टोला, यूपीएस जालिम टोला, यूपीएस खटियाकाना, यूपीएस लोकमान टोला, यूपीएस पलाशगाछी, यूपीएस जाफर अली टोला, यूपीएस जमशेद टोला-2, यूपीएस तैमूर टोला टापू, यूपीएस गणेश मंडल टोला, यूपीएस साहेब टोला तथा यूपीएस साहेबनगर समेत कई विद्यालय बाढ़ की चपेट में हैं.
दो स्कूलों को किया गया शिफ्ट
इस संबंध में बीपीओ अटल बिहारी भगत ने बताया कि निचले क्षेत्र में एक दर्जन से अधिक विद्यालयों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर चुका है. दो विद्यालयों को वैकल्पिक व्यवस्था के तहत शिफ्ट किया गया है.
