फर्जी कोर्ट में तीन बार पेशी,दो माह डिजिटल अरेस्ट: CBI केस के नाम पर बरहरवा में 1.20 करोड़ की ठगी

बरहरवा में सीबीआई अधिकारी बनकर साइबर अपराधियों ने एक व्यक्ति को डिजिटल अरेस्ट कर 1.20 करोड़ रुपये की ठगी की. पुलिस ने एसआईटी का गठन कर जांच शुरू की.

बरहरवा. साइबर अपराधियों ने बरहरवा थाना क्षेत्र के गौतम चंद्र दास को सीबीआई के गंभीर मामले में फंसाने का भय दिखाकर करीब 1.20 करोड़ रुपये की ठगी कर ली. साइबर ठगों ने पहले उन्हें डिजिटल अरेस्ट किया और फिर करीब दो महीने तक अलग-अलग तरीके से दबाव बनाकर रकम ऐंठते रहे. पीड़ित ने पुलिस को बताया कि उन्होंने अपनी बेटी की शादी के लिए काफी मुश्किल से यह रकम जमा कर रखी थी.

पुलिस के अनुसार, साइबर अपराधियों ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर पीड़ित को गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई का भय दिखाया. इसके बाद केस से बचाने के नाम पर लगातार रुपये की मांग की जाती रही.

खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर किया फोन

पीड़ित गौतम चंद्र दास के अनुसार, जून माह में एक व्यक्ति ने उन्हें फोन किया और खुद को सीबीआई अधिकारी बताया. फोन करने वाले ने अपना नाम प्रदीप सिंह बताते हुए दावा किया कि वह सीबीआई का बड़ा अधिकारी है.

आरोपी ने गौतम चंद्र दास को बताया कि उनके खिलाफ सीबीआई में गंभीर मामला दर्ज है. इसके बाद उन्हें गिरफ्तारी और जेल भेजे जाने का डर दिखाकर लगातार धमकाया और ब्लैकमेल किया गया.

वीडियो कॉल पर बनाया डिजिटल अरेस्ट, फर्जी कोर्ट में तीन बार पेशी

साइबर अपराधियों ने वीडियो कॉल के माध्यम से पीड़ित को डिजिटल अरेस्ट कर लिया. करीब दो महीने तक उन्हें लगातार वीडियो कॉल पर निगरानी में रखने और मानसिक दबाव बनाने का सिलसिला चलता रहा.

ठगों ने केस से बचाने के नाम पर पीड़ित को तीन बार फर्जी सीबीआई कोर्ट में वीडियो कॉल के माध्यम से पेश कराया. फर्जी कोर्ट रूम तैयार कर उन्हें कानूनी कार्रवाई, जुर्माना और गिरफ्तारी का भय दिखाया गया. इसके बाद अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर करायी गयी.

यह भी पढ़ें:

बढ़ते पानी के बाद अब राहत:साहिबगंज में गंगा का घटा जलस्तर

करीब 10 बार में आरटीजीएस से भेजे 1.20 करोड़

मामले की जांच करने बरहरवा पहुंचे मुख्यालय डीएसपी सह साइबर सेल के नोडल पदाधिकारी रविकांत साव ने बताया कि साइबर ठगों ने पीड़ित से अलग-अलग बैंक खातों में आरटीजीएस के माध्यम से करीब 10 बार में कुल 1.20 करोड़ रुपये मंगवाये.

जांच में सामने आया है कि पहला बड़ा ट्रांजेक्शन 20 जून 2026 को 50 लाख रुपये का हुआ था. इसके बाद अलग-अलग तारीखों में रकम भेजी गयी. अंतिम ट्रांजेक्शन 24 अगस्त को पांच लाख रुपये का किया गया.

ठगी का अहसास होने पर रिश्तेदार को दी जानकारी

लगातार रकम देने के बाद पीड़ित को जब ठगी का अहसास हुआ, तो उन्होंने पहले घटना की जानकारी एक रिश्तेदार को दी. इसके बाद सोमवार को पुलिस से संपर्क किया.

सूचना मिलने पर साइबर सेल के नोडल पदाधिकारी मुख्यालय डीएसपी रविकांत साव बरहरवा थाना पहुंचे और मामले की जांच शुरू की.

एसपी अमित कुमार सिंह ने बताया कि गौतम चंद्र दास की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है.

एसपी ने गठित की एसआइटी

मामले की गंभीरता को देखते हुए साहिबगंज एसपी अमित कुमार सिंह ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए मुख्यालय डीएसपी रविकांत साव के नेतृत्व में एसआइटी का गठन किया है.

एसआइटी में बरहरवा इंस्पेक्टर संतोष राणा, थाना प्रभारी सुमित कुमार सिंह, सब इंस्पेक्टर अनिल कुमार, प्रदीप महतो, साइबर सेल प्रभारी पंकज वर्मा सहित अन्य पुलिस पदाधिकारियों को शामिल किया गया है.

एसआइटी साइबर ठगों द्वारा इस्तेमाल किये गये बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और लेनदेन की जांच कर रही है. पुलिस का प्रयास ठगी की रकम के प्रवाह का पता लगाने के साथ आरोपियों तक पहुंचना है.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Bikash jaswal

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >