बकाया भुगतान की मांग पर पैनम के विस्थापितों का पुरजोर विरोध
अमड़ापाड़ा : मुंबई हाईकोर्ट के आदेश पर बुधवार को पैनम में लगायी गयी मशीन निकालने पहुंचे रिलायंस फाइनेंस कंपनी के पदाधिकारियों को विस्थापितों के कोपभाजन का शिकार होना पड़ा. जानकारी के मुताबिक, एम्टा कंपनी की ओर से पचुवाड़ा स्थित पैनम कोल माइंस में लगाये गये बड़े-बड़े हिताची मशीन को रिलायंस फाइनेंस कंपनी की ओर से […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
अमड़ापाड़ा : मुंबई हाईकोर्ट के आदेश पर बुधवार को पैनम में लगायी गयी मशीन निकालने पहुंचे रिलायंस फाइनेंस कंपनी के पदाधिकारियों को विस्थापितों के कोपभाजन का शिकार होना पड़ा. जानकारी के मुताबिक, एम्टा कंपनी की ओर से पचुवाड़ा स्थित पैनम कोल माइंस में लगाये गये बड़े-बड़े हिताची मशीन को रिलायंस फाइनेंस कंपनी की ओर से फाइनेंस कर लगाया गया था. लेकिन, उपरोक्त मशीन का पूरा भुगतान एम्टा कंपनी ने रिलायंस फाइनेंस कंपनी को नहीं किया था.
कोल माइंस लंबे समय से बंद रहने और पैनम में लगी मशीन की राशि भुगतान नहीं मिलने पर कंपनी की ओर से मुंबई हाईकोर्ट में बकाये राशि के भुगतान को लेकर मामला दायर किया गया था.
कोर्ट ने टीम भी गठित की थी : इस पर सुनवाई करते हुए मुंबई हाईकोर्ट ने कंपनी के पदाधिकारियों को कोल माइंस में लगी मशीन को सीज करने का आदेश दिया था. साथ ही तीन सदस्यीय टीम भी गठित की थी.
कोर्ट के इस निर्णय के बाद कंपनी के पदाधिकारियों ने पाकुड़ जिले के एसपी को हाईकोर्ट आदेश की कॉपी सौंप कर मशीन सीज करने में सहायता करने की अपील की थी.
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बकाया भुगतान की मांग…
जिस पर एसपी ने कंपनी के पदाधिकारियों के सहायता के लिए स्थानीय पुलिस को सहयोग का निर्देश दिया था. जिसके बाद रिलायंस कंपनी के पदाधिकारी जयंत मंडल, वाणी ब्रोति सी एवं मुंबई हाईकोर्ट रिसीवर अश्विन तमन्नावार, अमड़ापाड़ा थाना प्रभारी सहदेव टोप्पो पुलिस बल के साथ मशीन निकालने के लिए बुधवार को पैनम पहुंचे थे. टीम के बंद कोलियरी पहुंचते ही विस्थापितों का हुजूम जमा हो गया. मशीन निकालने के विरोध में विस्थापितों ने जमकर विरोध किया.
बकाया भुगतान की मांग कर रहे थे ग्रामीण
विस्थापितों का कहना था कि जब तक कंपनी द्वारा विस्थापितों, ट्रांसपोर्टरों व कर्मियों का बकाया राशि भुगतान नहीं कर दिया जाता है, यहां से एक भी सामान नहीं ले जाने दिया जायेगा. लोगों के विरोध को देखते हुए वहां पहुंची टीम बैरंग वापस लौट गयी. टीम के सदस्यों ने बताया कि मामले को लेकर एसपी से मिल कर समस्या समाधान की मांग की जायेगी. मौके पर एम्टा के भी पदाधिकारी मौजूद थे. इधर मामले को लेकर एसपी अजय लिंडा से संपर्क करने का प्रयास किया गया परंतु संपर्क नहीं हो सका.
विस्थापित, ट्रांसपोर्टरों व कर्मियों ने जताया विरोध
पैनम कोल माइंस में लगाये गये बड़े-बड़े हिताची मशीन को रिलायंस फाइनेंस कंपनी ने लगाया था