निर्देश. खान सुरक्षा उप महानिदेशक ने की पत्थर व्यवसायियों संग बैठक, कहा
खदान में मेिडकल रूल का पालन नहीं होने पर खान सुरक्षा के उपनिदेशक गंभीर दिखे. उन्होंने रूल का पालन नहीं होने पर खदानों का लाइसेंस रद्द करने का अल्टीमेटम दिया है. उन्होंने स्वास्थ्य जांच के लिए 30 जनवरी तक मजदूरों का आवेदन जमा करने का निर्देश दिया है.
साहिबगंज : जिले के खदानों में मेडिकल रूल का पालन नहीं होना चिंता का विषय है. यह ज्यादा असंगठित सेक्टर में देखा जाता है. उक्त बातें खान सुरक्षा के उपमहानिदेशक संजीवन राय ने साहिबगंज में सदर अस्पताल में पत्थर व्यवसायियों के साथ बैठक के बाद कही. श्री राय ने बताया कि किसी भी खदान में काम करने वाले सभी मजदूर की स्वास्थ्य व सुरक्षा की जिम्मेदारी खदान कंपनी को होती है. लेकिन ऐसा नही हो पाता है. काम करने के दौरान यदि कोई मजदूर धूलकण के कारण बीमार पड़ता है
तो उसके पूरे इलाज की जिम्मेदारी उक्त कंपनी की होती है. यह पहला दौरा है इसमें सभी खदान संचालकों के साथ बैठक कर मजदूरों की सूची ऐसा नहीं करते हैं तो जांच में पकड़े जाने पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है. खदान व क्रशर में पानी छिड़काव और मेडिकल की पूरी व्यवस्था रखनी होगी. नहीं तो लाइसेंस रद किया जा सकता है. श्री राय ने कहा कि अब तक मजदूरों जांच नहीं होना स्थानीय पदाधिकारी का लापरवाही दर्शाता है. 30 जनवरी तक सभी कंपनियों को आवेदन स्वास्थ्य विभाग में जमा करने का अंतिम समय दिया है. इसके बाद उक्त मजदूरों का स्वास्थ्य जांच किया जायेगा. इस मौके पर खान निदेशक हरिशचंद्र यादव व खान प्रबंधक सुरक्षा के सीकर्मकार, सिविल सर्जन डॉ ए एक्का, डीएस डॉ सुरेश कुमार, डॉ मोहन पासवान, डॉ देवेश कुमार, पत्थर व्यवसायी संघ के सचिव चंद्रेश्वर सिंह उर्फ बोदी सिन्हा, बजरंगी प्रसाद यादव, शंभू जजोदिया, कन्हैया खुड़िया, सीएनसी कंपनी व अन्य खनन कंपनी के प्रतिनिधि उपस्थित थे.
