बोआरीजोर : राजमहल कोल परियोजना के खदान क्षेत्र का निरीक्षण बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री सह झाविमो सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी ने किया. श्री मरांडी के साथ पोड़ैयाहाट विधायक सह महासचिव प्रदीप यादव भी साथ थे. निरीक्षण के बाद उन्होंने कहा कि डीजीएमएस के अनुमोदन के बगैर कैसे खनन कार्य कराया जा सकता है. पैसा कमाने की होड़ में यह सब कराया जा रहा है. डीजीएमएस और इसीएल प्रबंधन की मिलीभगत से गोरखधंधा चल रहा है.
हादसे की हो न्यायिक जांच, दोषियों पर चले हत्या का मुकदमा : बाबूलाल
बोआरीजोर : राजमहल कोल परियोजना के खदान क्षेत्र का निरीक्षण बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री सह झाविमो सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी ने किया. श्री मरांडी के साथ पोड़ैयाहाट विधायक सह महासचिव प्रदीप यादव भी साथ थे. निरीक्षण के बाद उन्होंने कहा कि डीजीएमएस के अनुमोदन के बगैर कैसे खनन कार्य कराया जा सकता है. पैसा कमाने की […]

हादसे की हो…
पूरे मामले की न्यायिक जांच होनी चाहिए. हाइकोर्ट के जज की अध्यक्षता में कमेटी बनाकर हादसे की जांच हो.
आउटसोर्सिंग कंपनी ने नहीं बतायी मजदूरों की वास्तविक संख्या
उन्होंने कहा कि महालक्ष्मी कंपनी द्वारा मजदूरों की वास्तविक संख्या की जानकारी लोगों को उपलब्ण्ध नहीं कराया जाना आश्चर्य के साथ दु:खद है. डीजीएमएस, इसीएल तथा महालक्ष्मी कंपनी के खिलाफ इस तरह के जघन्य अपराध को लेकर धारा 302 के तहत मामला दर्ज करने के साथ-साथ इनकी अविलंब गिरफ्तारी होनी चाहिए. श्री मरांडी ने पूरे घटनाक्रम पर केंद्र से लेकर राज्य सरकार तक को जिम्मेवार ठहराते हुए कहा कि कोयला मंत्री कोलकाता आ सकते हैं, मगर गोड्डा नहीं. उनके द्वारा जांच के लिए कमिटि का गठन किया गया है, जबकि स्वयं भी इस दुर्घटना के लिए दोषी हैं. सरकार से मांग करते हुए श्री मरांडी ने कहा हाइकोर्ट के जज की अध्यक्षता में एक कमिटि बनाकर पूरे घटनाक्रम की जांच हो, उसकी रिपोर्ट सामने लायी जाय. उन्होंने मुख्यमंत्री पर आक्षेप करते हुए कहा कि घटना के बाद मानवीय संवेदना ही सही गोड्डा आकर स्थिति देखनी चाहिए.
डीजीएमएस, इसीएल व महालक्ष्मी ने संयुक्त रूप से ली है मजदूरों की जान
कोयला मंत्री कोलकाता आ सकते हैं, मगर गोड्डा नहीं