मेडिकल सुविधा में कटौती पुन: हो लागू

बोआरीेजोर : राजमहल कोल परियोजना के सीएमडी आरआर मिश्रा से सोमवार को परियोजना के संयुक्त ट्रेड यूनियन के प्रतिनिधि मंडल मिले. ट्रेड यूनियन ने कहा कि कर्मियों को मिलने वाली मेडिकल सुविधा में कटौती कर दी गयी है. इस मामले पर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की. सीएमडी ने आश्वस्त किया कि मुख्यालय लौटने के […]

बोआरीेजोर : राजमहल कोल परियोजना के सीएमडी आरआर मिश्रा से सोमवार को परियोजना के संयुक्त ट्रेड यूनियन के प्रतिनिधि मंडल मिले. ट्रेड यूनियन ने कहा कि कर्मियों को मिलने वाली मेडिकल सुविधा में कटौती कर दी गयी है. इस मामले पर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की. सीएमडी ने आश्वस्त किया कि मुख्यालय लौटने के बाद आवश्यक रूप से पहल की जायेगी. वहीं नेताओं ने विस्थापितेां की समस्या को भी रखी.

कहा कि बगैर सहमति व प्रभाावितों की समस्याओं को जाने गांव हटाने व तोड़ने की बात सीएमडी कर रहे हैं. जो गलत है. जब तक विस्थापित नहीं किया जाता तब तक ऐसा किया जाना इसीएल के लिए महंगा साबित होगा. प्रतिनिधि मंडल ने बताया कि परियोजना लगातार 17 मिलियन टन कोयले के उत्पादन की बात कह रही है. और यह भी कह रही है कि 20 मिलियन टन अगले साल पूरा किया जायेगा. जबकि सत्य यह है कि परियोजना के पास जमीन ही नहीं है.

राजमहल परियोजना पूरा प्रोजेक्ट की बंद होने की स्थिति में है. राजमहल परियोजना कमेटी ही पूरी तरह से फ्लॉप साबित हो गया है. प्रतिनिधि मंडल में एटक नेता रामजी साह, रामस्वरूप, झारखंड कोलियरीमजदूर संघ से मिस्त्री मरांडी, आरसीएमएस से टुनटुन सिंह, झारखंड मजदूर संघ से रीतलाल रमानी, मनोज विक्कल आदि उपस्थित थे.

भामस ने भी सीएमडी से समक्ष रखी अपनी बात
भामस नेता रविवाकांत सिंह ने बताया कि सीएमडी का ध्यान स्थानीय लोगों की समस्याओं पर आकृष्ट कराया गया है. परियोजना अस्पताल में सुविधा नहीं रहने के कारण हो रही परेशानी रखा है. सीएमडी ने इस समस्या का अविलंब समाधान करने का आश्वासन दिया है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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