परिजनों को सौंपने सुदेश महतो लेकर आ रहे हैं अपने संग

हूल महानायक के वंशज आज इंजीनियर बनकर आयेंगे घर साहिबगंज : बरहेट प्रखंड के भोगनाडीह स्थित अमर शहीद सिदो-कान्हो के वंशज 22 वर्षीय मंडल मुर्मू आज इंजीनियर बनने के बाद अपने परिजनों के बीच जायेंगे. मंडल को आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो उनको परिजनों को सौपेंगे. दरअसल, वर्ष 2006 में जब सुदेश महतो भोगनाडीह पहुंचे थे […]

हूल महानायक के वंशज आज इंजीनियर बनकर आयेंगे घर

साहिबगंज : बरहेट प्रखंड के भोगनाडीह स्थित अमर शहीद सिदो-कान्हो के वंशज 22 वर्षीय मंडल मुर्मू आज इंजीनियर बनने के बाद अपने परिजनों के बीच जायेंगे. मंडल को आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो उनको परिजनों को सौपेंगे. दरअसल, वर्ष 2006 में जब सुदेश महतो भोगनाडीह पहुंचे थे तो उनके परिजन में से मंडल मुर्मू को गोद लिये थे. मैट्रिक, इंजीनियरिंग का डिप्लोमा रांची में रख कर कराये. इंजीनियर बनाकर मंडल को लेकर आज सुदेश भोगनाडीह आ रहे हैं.
वर्ष 2006 में मंडल ने जतायी थी पढ़ने की इच्छा : भोगनाडीह जो संताल हूल की गौरवगाथा को अपने अंदर समेटे हुए है. मंडल मुर्मू संताल क्रांति के महानायक सिदो कान्हो के पविार से हैं. ये सिदो मुर्मू के परपोते हैं. मंडल के पिता बेटाधन मुर्मू की 2002 में मौत हो गयी. इसके बाद उसके परिवार की स्थिति अत्यंत खराब हो गयी. वर्ष 2006 में तत्कालीन मंत्री सुदेश महतो भाेगनाडीह आये थे.
परिजनों को सौंपने…
वे शहीदों के परिजनों से मिले और उनकी दयनीय स्थिति की जानकारी ली. सुदेश महतो ने मदद का प्रस्ताव रखा तो मंडल मुर्मू ने पढ़ने की इच्छा जाहिर की. उस वक्त मंडल छठी कक्षा में छात्र थे. उसके बाद मंडल मुर्मू का एडमिशन केंद्रीय स्कूल टाटी जिले में कराया गया. वहीं से मंडल ने 2011 में मैट्रिक की पढ़ाई पूरी की. 2013 में 12वीं की परीक्षा की. इसके बाद मंडल का एडमिशन सिल्ली पॉलिटेक्निक कॉलेज में कराया गया. इस वर्ष मंडल ने डिप्लोमा पूरा किया है.
झारखंड सरकार मुर्मू पर ध्यान दें तो मिल सकती है नौकरी : मंडल
मंडल मुर्मू ने कहा कि पिता के गुजर जाने के बाद बदहाली की स्थिति बनी हुई थी मां. दो बड़ी बहनें सहित चार लोगों का बड़ी मुश्किल से गुजारा हो रहा था. पूर्व मंत्री सुदेश महतो ने काफी मदद की. उसी का परिणाम है कि इंजीनियरिंग कर सका. उन्होंने मुझे स्कूल में दाखिल दिलवाया. हर जगह मेरी मदद के लिये खड़े रहे. उनकी मदद के दम पर ही मैं पढ़ लिख सका. उनका योगदान में कभी भूल नहीं सकता. पर अब मुझे नौकरी की तलाश है. सरकार का ध्यान अगर मुझ पर जाय तो मुझे नौकरी मिल सकती है.
हूल के नायक सिदो के परपोता हैं मंडल मुर्मू
छठी कक्षा में ही सुदेश महतो ने लिया था गोद
इसी साल पूरा किया इंजीनियरिंग का डिप्लोमा, अब एक अदद नौकरी की तलाश

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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